पंचकूला के हरियाण शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के DRO जोगिंद्र शर्मा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट ने अंतरिम जमानत 19 फरवरी तक बढ़ा दी है। हालांकि कोर्ट में एसीबी ने कहा कि डीआरओ जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए गिरफ्तारी की परमिशन दी जाए। वहीं डीआरओ के वकील ने कहा कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए 6 फरवरी को जोगिंद्र शर्मा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में 11 फरवरी को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद बहस के लिए 12 फरवरी की डेट में केस चला गया था। जिस पर आज दोनों पक्षों के बीच कोर्ट में लंबी बहस चली। बचाव पक्ष के वकील दीपांशु बंसल ने कोर्ट में दलील रखते हुए कहा कि ACB के पास कोई ऐसा ठोस सुबूत नहीं है, जिससे साबित हो सके कि इस केस में जोगिंद्र शर्मा का कोई रोल है। पीसी एक्ट 17 ए की परमिशन भी एसीबी के पास नहीं है। डिसक्लोजर रिपोर्ट की कोई वैल्यू नहीं है। जमीन पर्ल ग्रुप की थी, इसका भी कोई सुबूत जांच टीम के पास नहीं है। कोई रिश्वत डिमांड, स्वीकृत और रिकवरी केस में नहीं है। एसीबी की तरफ से सरकारी वकील ने जोगिंद्र शर्मा को कोर्ट में मुख्य साजिशकर्ता बताया। लेकिन तमाम सुनवाई के बाद कोर्ट ने डीआरओ जोगिंद्र शर्मा को अंतरिम जमानत देते हुए इन्वेस्टिगेशन जॉइन करने के आदेश दिए हैं। बलदेव कौर ने भी लगाई जमानत पंचकूला की रायपुर रानी तहसील में बडाला गांव निवासी नवीन को करीब 17 एकड़ जमीन बेचने वाली बलदेव कौर ने भी अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। याचिका पर 18 फरवरी को सुनवाई होगी। जिसमें एसीबी को अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। एसीबी कोर्ट में बलदेव कौर की जमानत का विरोध करेगी। तहसीलदार विक्रम सिंगला का भेजा रिकॉर्ड हरियाणा के पंचकूला में ACB के द्वारा गिरफ्तार किए गए रायपुर रानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला के खिलाफ अब विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। वित्तायुक्त के आदेश पर अंबाला कमिश्नर ने भी पंचकूला DC से तहसीलदार विक्रम सिंगला से जुड़ा रिकॉर्ड मांगा गया था, जिसे डीसी कार्यालय ने भेज दिया है। अंबाला कमिश्नर ने पंचकूला डीसी से तहसीलदार विक्रम सिंगला से जुड़े केस में उनके द्वारा की गई रजिस्ट्री, केस से जुड़े गवाहों की सूची व दूसरे दस्तावेज मांगे गए। विभाग मुख्यालय द्वारा जांच का जिम्मा अंबाला कमिश्नर को सौंपी गई है। अंबाला कमिश्नर ने एक सप्ताह में तमाम रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा है। जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।