राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संघ भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं है। संघ के स्वयंसेवक भाजपा में जाते हैं। वहां आगे भी बढ़े हैं। लेकिन यह कहना गलत है कि संघ भाजपा को चलाता है। हालांकि, भाजपा का विरोध करने वाले लोग ही संघ का विरोध करते हैं। मोहन भागवत ने अमेरिकी टैरिफ पर कहा- यह उनका पुराना तरीका है। वे हथियार और आर्थिक ताकत के दम पर झुकाना चाहते हैं। लेकिन भारत इतना मजबूत है कि उनके आगे झुका नहीं है। हमारी जनता तैयार है। इसलिए इसका भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संघ प्रमुख ने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने पर कहा, सवाल यह है कि मंदिरों की देखभाल कौन करेगा, वहां नियमित पूजा पाठ हो, इसकी चिंता कौन करेगा। सिख समाज अपने गुरुद्वारे का संचालन बहुत अच्छा करता है। देश के धर्माचार्यों को इस पर मंथन करना चाहिए और समाज को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मोहन भागवत ने ये बातें लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कहीं। वे बुधवार सुबह लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे थे। जहां उनके पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया था। NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्रों ने ‘गो बैक मोहन भागवत’ के नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया। मोहन भागवत के भाषण की 8 बड़ी बातें 1. UGC मामला कोर्ट में है- UGC से जुड़ा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट जो फैसला देगा, उसी के अनुसार आगे देखा जाएगा। कानून गलत हो तो उसे बदलने का तरीका भी है। 2. हम सब एक हैं, छुआछूत खत्म होनी चाहिए- हम सब भारत माता के बेटे-बेटी हैं। रंग, रूप या जाति अलग हो सकती है, लेकिन अपनापन बना रहना चाहिए। यही भावना छुआछूत जैसी बुराई खत्म कर सकती है। 3. जाति व्यवस्था अब पुरानी हो चुकी है- जाति नाम की कोई व्यवस्था अब रहनी नहीं चाहिए। पहले यह काम के आधार पर थी, अब समय बदल गया है। जाति की दीवारें धीरे-धीरे टूट रही हैं। 4. हिंदू समाज बंटा हुआ है- हिंदू समाज में ताकत है, लेकिन वह बंटा हुआ है और स्वार्थ में फंसा है। अगर समाज एकजुट हो जाए तो देश को आगे बढ़ा सकता है। 5. आधुनिकीकरण ठीक, नकल सही नहीं- नई चीजों का विरोध नहीं है, लेकिन पश्चिमीकरण की नकल सही नहीं है। आधुनिक बनें, लेकिन अपनी जड़ों और संस्कृति को न भूलें। 6. परिवार और संस्कार जरूरी- संयुक्त परिवार अब कम हो गए हैं, लेकिन रिश्तों का भाव बना रहना चाहिए। हफ्ते में कम से कम एक बार परिवार साथ बैठे। बच्चों को संस्कार घर और स्कूल दोनों से मिलते हैं। 7. सोशल मीडिया का सही उपयोग करें- सोशल मीडिया तकनीक है। उसके मालिक बनें, गुलाम नहीं। स्क्रीन टाइम तय करें और बच्चों को सही दिशा दें। 8. समाज जागरूक होगा तो राजनीति सुधरेगी- राजनीति समाज से बनती है। अगर समाज में सद्भाव और समझदारी होगी तो नेता भी वैसे ही होंगे। समाज जागरूक रहेगा तो हालात सुधरेंगे। लखनऊ यूनिविर्सटी में लगे ‘भागवत गो बैक’ के नारे लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार सुबह RSS प्रमुख मोहन भागवत के पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया। NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्र ‘गो बैक मोहन भागवत’ के नारे लगाने लगे। पुलिस ने जब छात्रों को रोकने की कोशिश की, तो नोकझोंक और खींचतान शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ठूंस-ठूंसकर जीप और बसों में भरा। कई छात्र लेट गए, तो उन्हें टांगकर ले जाया गया। सभी छात्रों को इको गार्डन भेजा गया। इसके बाद मोहन भागवत का कार्यक्रम हुआ। भागवत ने कहा-धूल का एक कण भी धर्म से अलग नहीं हो सकता। NSUI कार्यकर्ता शुभम यादव ने कहा- संघ से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालय में कार्यक्रम करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि विपक्षी छात्र संगठनों को हॉल तक नहीं मिलते। यूजीसी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया है। इसके बावजूद RSS प्रमुख की ओर से कोई बयान नहीं आया है। भागवत दो दिवसीय लखनऊ प्रवास पर हैं। आज लखनऊ यूनिवर्सिटी में संगोष्ठी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम में भाग लेंगे। मंगलवार को निराला नगर में भागवत सरस्वती शिशु मंदिर आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल हुए थे। स्टूडेंट्स के प्रदर्शन की PHOTOS- लखनऊ यूनिवर्सिटी में संघ प्रमुख बोले- शिक्षा-स्वास्थ्य को व्यवसाय नहीं बना सकते मोहन भागवत ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में कहा- शिक्षा और स्वास्थ्य मूलभूत आवश्यकता है, इन्हें व्यवसाय नहीं बनाया जा सकता। दोनों क्षेत्र समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुलभ होने चाहिए। पश्चिमी देशों ने भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को हटाकर अपनी प्रणाली थोपी, ताकि उन्हें ‘काले अंग्रेज’ तैयार करने में सुविधा हो। अंग्रेजों ने जो बिगाड़ा, उसे सुधारने की आवश्यकता है। शोधार्थियों से आह्वान कहा- भारत को समझने के लिए अपने ज्ञान शोध को प्रामाणिकता के साथ आगे बढ़ाएं। अज्ञानता के आधार पर भारत को नहीं समझा जा सकता। RSS प्रमुख ने लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया। संघ प्रमुख ने मंगलवार को कहा था- भारतीय मुसलमान भी हिंदू, घर वापसी करानी है संघ प्रमुख ने मंगलवार को कहा था कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। संघ प्रमुख ने बढ़ती घुसपैठ पर कहा, घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा, हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। —————– यह खबर भी पढ़िए… गोरखपुर में संघ प्रमुख बोले- हम जाति की चिंता कर रहे, हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सवर्ण, ओबीसी और दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भोजन किया। उन्होंने कहा- समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस में जुड़ाव हो। अर्थ और स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…