हरियाणा में बारिश, ओलावृष्टि और बादलों के असर से दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार औसत अधिकतम तापमान में 6.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। सबसे ज्यादा गिरावट हिसार में 7.1 डिग्री तक देखने को मिली। हालांकि न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है और यह सामान्य से 5.1 डिग्री ऊपर बना हुआ है। दिनभर बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं एक दिन पहले बुधवार को जींद, हिसार, हांसी, कैथल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, भिवानी, फतेहाबाद, पलवल, फरीदाबाद, नूंह और नारनौल में बारिश हुई। भिवानी और रेवाड़ी में दोपहर के समय हल्की बूंदाबांदी के साथ ओले भी पड़े, जिससे सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
आज बारिश के आसार नहीं- एचएयू चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर के अनुसार आज प्रदेश में किसी बड़े अलर्ट की स्थिति नहीं है, लेकिन बादलों की आवाजाही के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान अंबाला में 24.4 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान करनाल में 13.6 डिग्री दर्ज किया गया।
अधिकतम औसत तापमान 6.1 डिग्री गिरा बारिश और बादलों के प्रभाव से अधिकतम तापमान में तेज गिरावट आई है। औसतन 6.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे दिन में ठंडक बढ़ गई। हिसार में अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री रहा, जो 7.1 डिग्री की गिरावट दर्शाता है। गुरुग्राम में 19.4 डिग्री, रोहतक में 19.5 डिग्री और नारनौल में 21.0 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भिवानी में 22.0 डिग्री और जींद में 21.7 डिग्री रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान अंबाला में 24.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है। बादलवाई से न्यूनतम तापमान बढ़ा प्रदेश में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। औसतन 2.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ यह सामान्य से 5.1 डिग्री ऊपर बना हुआ है। सबसे कम न्यूनतम तापमान करनाल में 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। हिसार में 14.5, नारनौल में 14.5, भिवानी में 14.0 और जींद में 15.4 डिग्री तापमान रहा। गुरुग्राम में 15.2 और रोहतक में 15.8 डिग्री दर्ज किया गया। लगातार बादल और रात में नमी बढ़ने से ठंड में कमी महसूस की जा रही है। सुबह के समय हल्की ठंड जरूर बनी हुई है, लेकिन कड़ाके की ठंड से राहत है।