‘विधानसभा में हो जाएगी शराब की डिलीवरी’:सुनील सिंह बोले- बिहार को उड़ता पंजाब बना दिया; बिना परमिशन बिहार में DJ बजाने पर लगेगी रोक

बजट सत्र के 13वें दिन बिहार विधानपरिषद में गुरुवार को शराबबंदी का मुद्दा छाया रहा। राजद MLC सुनील सिंह ने कहा है, ‘बिहार में शराबबंदी नहीं है। विधानसभा में भी शराब की डिलीवरी हो सकती है।’ उन्होंने दावा किया है कि सरकार के करीबी कुछ नेताओं के घर रोज शराब पार्टी होती है, लेकिन वो लोग ताकतवर हैं, इसलिए नाम नहीं लूंगा। सुनील सिंह ने कहा, ‘बिहार को उड़ता पंजाब बना दिया गया है।’ इधर, बिहार विधानसभा में जहानाबाद से राजद विधायक राहुल कुमार ने इस्लामपुर में गैर मजरूआ जमीन पर कब्जा का मामला उठाया। उन्होंने विजय सिन्हा से कहा कि आप ही के लोग आपका पांव खींच रहे हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा, अंगद का पैर कोई नहीं खींच सकता । मेरा जो मिशन है मैं उसे पूरा करके रहूंगा। वहीं, लंच ब्रेक के बाद विधानसभा के सेकेंड सेशन में राजद विधायन चंद्र शेखर ने मधेपुरा में ढाई साल की बच्ची से रेप का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार सूखा नशा करने वाले युवाओं को लेकर भी अपनी बात रखी। चंद्रशेखर ने कहा- “हमको भगवान जी कहे हैं पाखंडियों पर नकेल कसने के लिए।’ हालांकि स्पीकर प्रेम कुमार ने इसे प्रोसीडिंग से हटा दिया। वहीं, AIMIM के विधायक अख्तरुल ईमान ने ईद की छुट्टी 2 दिन करने की मांग की। विधानसभा के हाईलाइट्स बुधवार को शराबबंदी समेत कई मुद्दे पर हुई थी बहस बुधवार को बिहार विधानसभा में बिहार सरकार के एक मंत्री ने कहा था कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं। इसपर बिहार सरकार के दूसरे मंत्री विजय चौधरी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा यह कहना कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं तो यह बिल्कुल गलत है। इसके अलावा सदन में मंत्री अशोक चौधरी बोले रहे थे तो विपक्ष के सभी विधायक सदन से वाक आउट कर चले गए। फिर भी अशोक चौधरी ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से राहुल कुमार, आलोक मेहता, कमरूल होड़ा, अख्तरुल ईमान और सतीश सिंह यादव आदि विधायकों के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं किया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से बजट प्रस्ताव लाया गया है, जिसपर इन विधायकों ने विरोध किया था। मंत्री अशोक चौधरी के बयान पर AIMIM के विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि ये राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है। अगर मजाक में कहा तो ठीक है, अगर वो इसे गंभीरता से कहे हैं तो उनके इस फैसले का विरोध होगा।

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