फिरोजाबाद में गुरुवार को हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर 2 युवकों पर गिर गया। इससे दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई। करीब 15 मिनट तक दोनों की बॉडी जलती रही और तारों में करंट दौड़ता रहा। गांववालों ने दोनों को जलता देखकर शोर मचाया। इसके बाद लाइन बंद कराई गई। हादसे के बाद आक्रोशित गांववालों ने हंगामा किया और शव नहीं उठने दिए। लोगों ने मृतकों के घरवालों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। करीब 4 घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस और एसडीएम ने लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद लोग माने और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए। मामला एका क्षेत्र का है। देखें घटना से जुड़ी तस्वीरें… परिवार के इकलौते सहारे थे भूपेंद्र और प्रदीप एका के नगला बाबन पट्टी में करंट से हुई प्रदीप शाक्य और भूपेंद्र की मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रदीप के पिता अशोक कुमार का पांच माह पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था, जबकि भूपेंद्र के पिता जगदीश की पांच वर्ष पहले बीमारी से मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी दोनों युवकों पर ही आ गई थी। प्रदीप तीन भाइयों अवनीश संजू से बड़ा था। वहीं भूपेंद्र चार भाई लाल सिंह गिरेंद्र सुरेंद्र से छोटा था। सभी की शादी हो चुकी है अलग-अलग रहते हैं। दोनों ही परिवार मजदूरी कर अपना पेट पाल रहे थे।
प्रदीप भूमिहीन था और अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी शादी छह वर्ष पहले हुई थी और उसकी गर्भवती पत्नी निशा सदमे में बार-बार बेहोश हो रही है। मां फूला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं भूपेंद्र के पास मात्र दो बीघा जमीन थी। उसकी शादी चार वर्ष पहले हुई थी और पत्नी सुमन के सामने दो बेटे व एक बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है। मां जलदेवी बेटे की मौत से बदहवास हैं। घटना से दोनों परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का हंगामा, मुआवजे की मांग पर अड़े
बताया जाता है कि गांव के पट्टी निवासी भूपेंद्र (28) और प्रदीप शाक्य (28) सुबह शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गांव के बाहर ट्यूबवेल सप्लाई के लिए गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर उनके ऊपर गिर गया। दोनों जबतक कुछ समझ पाते, करंट की चपेट में आकर जलने लगे। दोनों आग से जलने लगे, दोनों को जलते देख गांव के लोगों की भीड़ मौके पर दौड़ी। लेकिन करंट के चलते कोई पास नहीं जा सका। करीब 15 मिनट तक दोनों जिंदा जलते रहे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बिजली बंद कराई। शव ले जाने को प्रयास किया तो भड़के ग्रामीण घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष संजुल पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। थाना अध्यक्ष द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद क्षेत्राधिकारी जसराना प्रेम प्रकाश पांडे, तहसीलदार रवीश कुमार, कानूनगो रामनिवास सिंह और लेखपाल चंद्रशेखर घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच बीघा जमीन और 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी। उपजिलाधिकारी न्यायिक अब्बास नकवी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। चार घंटे बाद पहुंची बिजली विभाग की टीम करीब चार घंटे बाद अधीक्षण अभियंता राहुल कुमार और अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार रवीश कुमार और क्षेत्राधिकारी प्रेम प्रकाश पांडे ने ग्रामीणों से वार्ता की। इन मांगों पर माने बिजली विभाग और राजस्व विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पांच-पांच बीघा जमीन का पट्टा तथा दोषी लाइनमैन, अवर अभियंता और अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए उठाने की अनुमति दी। ———————- ये खबर भी पढ़ें कार नहर में गिरी, कारोबारी, पत्नी और बेटे की मौत:औरेया में रात भर गाड़ी पड़ी रही, सुबह टायर दिखा, शादी फंक्शन से लौट रहे थे औरैया में बेकाबू कार 20 फीट गहरी नहर में गिर गई। हादसे में कारोबारी, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई। कारोबारी रिश्तेदार की बेटी के शादी के फंक्शन में परिवार के साथ इटावा से औरैया आए थे। बुधवार देर रात कार से घर लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया। रातभर परिवार गाड़ी समेत नहर में पड़ा रहा। आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। गुरुवार सुबह 7 बजे राहगीरों ने नहर में कार का टायर देखा। पूरी खबर पढ़ें