रेवाड़ी के गांव बास बिटौड़ी निवासी रिटायर फौजी ब्लांइड मर्डर को सुलझाने में तकनीक की अहम भूमिका रही है। महाराम की मौत से पहले उसकी अंतिम बात गांव के ही लॉ स्टूडेंट विशाल से हुई थी। जांच में पता चला कि विशाल का ही महाराम के घर सबसे अधिक आना जाना था। विशाल ही महाराज के लिए घर का अधिकतर सामान लेकर आता था। विशाल को महाराम के घर रखें लाखों के गहनों का पता चला तो उसके मन में लालच आ गया। जिसके बाद उसने अपने दोस्त खालेटा निवासी साहिल के साथ मिलकर चोरी का प्लान बनाया। तीन दिन के रिमांड के दौरान पुलिस अब आरोपियों से चोरी किए गहने, कैश और पेचकस का पता लगाने का प्रयास करेगी। नींद खुली तो मिली मौत विशाल को पता था कि महाराम शराब का आदी है। विशाल ने 28 जनवरी को महाराम के लिए शराब खरीदी। महाराम को शराब देकर विशाल अपने घर आ गया। विशाल रात को घर से चाकू लेकर फिर महाराम के घर पहुंचा। जब विशाल चोरी के इरादे से महाराम के घर में घुसा तो उसकी आंख खुल गई।
अपना भेद खुलने के डर से विशाल ने चारपाई पर लेटे-लेटे उस पर एक के बाद एक चाकू से कई वार किए। महाराम पर चाकू से हमला करने के बाद अपने साथी साहिल को फोन कर बुला लिया। फिर महाराम के 55 ग्राम सोने और एक किलो चांदी के गहने व कैश चोरी किया और फरार हो गए। पूरे घर का भेदी विशाल विशाल का परिवार गांव में दूध की डेयरी चलाता है। महाराम के घर दूध देने के बहाने विशाल का आना-जाना शुरू हुआ। जान पहचान बढ़ी तो महाराम ने विशाल से घर का सामान मंगवाना शुरू कर दिया। विशाल को महाराम क पत्नी और बेटे के साथ विवाद का पहले से पता था। जब विशाल को महाराम के घर रखें सोने और चांदी के गहनों का पता चला तो उसके मन में लालच आ गया और अपने दोस्त साहिल के साथ मिलकर उसे चुराने की योजना बनाई। एलर्जी का था मरीज महाराम की पत्नी मंगेशा ने पुलिस को बताया था कि उसका पति एलर्जी का मरीज था। शायद अधिक शराब पीने से उसकी मौत हुई होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब चोट के निशानों की पुष्टि हुई तो खोल थाना पुलिस ने पत्नी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था
6 दिन बाद पता चला खोल थाना पुलिस तीन फरवरी को गांव में पहुंची थी। पड़ोसियों ने बताया था कि महाराम का दरवाजा कई दिन से बंद हैं। जब पुलिस ने दरवाजा खोला तो महाराम का शव चारपाई पर पड़ा मिला था। विशाल ने 28 जनवरी को पेचकस से वार कर महाराम की हत्या की थी। रिटायर फौजी की हत्या के बाद आरोपियों ने एक दिन रेवाड़ी में गुजारा। इसके बाद दोनों अपने अपने घर जाकर सामान्य रूप से रहने लगे। पूछताछ में जब विशाल और साहिल ने इसका खुलासा किया तो पुलिस को भी सहजता से विश्वास नहीं हुआ।