दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव कस्टोडियल डेथ मामले के दोषी जयदीप सिंह सेंगर उर्फ अतुल सिंह को कल तक यानी 24 घंटे में सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में एक स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है। जयदीप सिंह सेंगर को इस मामले में सह-दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के साथ दस साल की सजा सुनाई गई थी। जयदीप सिंह सेंगर ने अपनी दस साल की सजा को निलंबित (सस्पेंड) करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि जयदीप सिंह सेंगर कल तक संबंधित जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे। अदालत ने इस आश्वासन को दर्ज करते हुए सरेंडर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने मामले की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित एजेंसियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि सजा निलंबन की मांग पर फैसला लेने से पहले यह जानना जरूरी है कि दोषी की वर्तमान स्थिति क्या है और अब तक की प्रक्रिया में क्या प्रगति हुई है। उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में आरोप था कि पुलिस हिरासत के दौरान एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद जयदीप सिंह सेंगर और कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोषियों ने इस सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की थी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सजा निलंबन याचिका पर विचार करते समय अदालत दोषी के आचरण, अपराध की प्रकृति, सजा की अवधि और अपील की सुनवाई में लगने वाले संभावित समय को ध्यान में रखती है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जयदीप सिंह सेंगर निर्धारित समय में सरेंडर करते हैं या नहीं। मामले की अगली सुनवाई में अदालत स्टेटस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद सजा निलंबन याचिका पर आगे का फैसला ले सकती है।