शिमला के कोटखाई थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के बहुचर्चित शाही महात्मा केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महात्मा गैंग के मुख्य सप्लायर प्रदीप कुमार उर्फ रांटा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले डेढ़ साल से फरार चल रहा था। पुलिस इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मान रही है, खासकर शिमला जिले में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर इसे करारा प्रहार बताया जा रहा है। यह केस दो साल पहले 19 सितंबर 2024 को दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले आरोपी मुद्दसीर अहमद मोची से 468.380 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद की गई थी। जांच के दौरान अब तक कुल 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें गैंग का मुख्य सरगना शाही महात्मा भी शामिल है। 500 से ज्यादा नशेबाजों तक नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि प्रदीप कुमार उर्फ रांटा बाहरी राज्यों से चिट्टा लाकर शाही महात्मा के साथ मिलकर रोहड़ू क्षेत्र में सप्लाई करता था। इस गैंग का नेटवर्क करीब 500 से अधिक नशा सेवन करने वालों तक फैला हुआ है। लेकिन 2024 में मुद्दसीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया मुद्दसीर अहमद के पकड़े जाने के बाद प्रदीप कुमार शाही महात्मा के साथ फरार हो गया था। बाद में शाही महात्मा को तो पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन प्रदीप कुमार बचता रहा। आखिरकार 19 फरवरी 2026 को थाना कोटखाई और सब डिविजन ठियोग की एक विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।