जालंधर के मॉडल टाउन में लकी ओबराय के परिवार और स्थानीय निवासियों ने इंसाफ की मांग को लेकर एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व मृतक की पत्नी और माता जी ने किया, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी के तौर पर जिसे गिरफ्तार किया है, वह अकेला इस वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने इस हत्याकांड के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति या नेता की साजिश और ‘सुपारी किलिंग’ का अंदेशा जताते हुए मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है। जालंधर का मॉडल टाउन इलाका उस समय भावुक कर देने वाले दृश्यों का गवाह बना, जब लकी ओबराय को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। हाथों में मोमबत्तियां लिए समर्थकों और रिश्तेदारों ने प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया और हत्या के असली मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की मांग की। मार्च के दौरान माहौल तब और गमगीन हो गया जब लकी ओबराय की पत्नी और माता जी ने न्याय के लिए गुहार लगाई। मीडिया से बातचीत करते हुए लकी ओबराय की पत्नी ने पुलिस की जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस भले ही जोगा नामक आरोपी को मुख्य दोषी बता रही है, लेकिन यह पूरी वारदात अकेले उसके बस की बात नहीं थी।
पीड़ित पत्नी का दावा है कि इस हत्या के पीछे कोई गहरी साजिश रची गई है और किसी बड़े प्रभावशाली व्यक्ति या राजनेता ने ‘सुपारी’ देकर उनके पति की हत्या करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं होता और साजिश रचने वालों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक उनके परिवार को सच्चा इंसाफ नहीं मिलेगा। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की जांच की रफ्तार तेज की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के कई अहम पहलुओं को अभी तक अनसुना किया जा रहा है और प्रभावशाली दबाव के चलते असली कातिल कानून की पहुंच से बाहर हैं। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पर्दे के पीछे छिपे असली गुनहगारों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।