करनाल जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में 21 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे टायर पिघलाकर फर्नेस ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद रिएक्टर मशीन से आग और कार्बन तेज गति से बाहर निकला, जिससे पास खड़े चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए। घायलों को पहले करनाल के अस्पतालों और बाद में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। 22 फरवरी देर रात को पुलिस ने कंपनी मालिकों और केयरटेकर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 370 डिग्री पर चलती थी मशीन उत्तर प्रदेश के गांव नरायनपुर के मुराली सहानी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह शादीशुदा है और उसकी एक बेटी मोहिनी है। वह वर्ष 2018/2019 से गांव कैरवाली के पास बजरंग इंडस्ट्रीज में काम कर रहा है। फैक्ट्री सुमित और राहुल की है, जहां टायर पिघलाकर फर्नेस ऑयल बनाया जाता है। उसने बताया कि उसके साथ चाचा रामावध, साला संजय, ससुर का भाई जनार्धन और गांव का मुकुरघुन भी काम करते हैं। रिएक्टर मशीन में एक बार में 7 से 8 टन टायर डाले जाते हैं और मशीन को करीब 370 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है। 12 से 14 घंटे बाद जब मुख्य दरवाजा लोहा, ऑयल और कार्बन निकालने के लिए खोला जाता है तो गैस और कार्बन निकलते हैं। पहले भी की थी सुरक्षा की मांग मुराली के अनुसार उन्होंने तीन से चार बार कंपनी मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। हर बार जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर बात टाल दी गई। दरवाजा खोलते ही हुआ धमाका 21 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे रामावध पुत्र प्रीतम, संजय पुत्र परिखान, जनार्धन पुत्र रामाज्ञा और मुकुरघुन पुत्र चिरकुट ने जैसे ही रिएक्टर मशीन का मुख्य दरवाजा खोला, अंदर से तेज धमाका हुआ। धमाके के साथ आग और कार्बन बाहर निकला और चारों मजदूर बुरी तरह झुलस गए। अस्पतालों में कराया गया भर्ती 21 फरवरी को करीब 1:30 बजे चौकी मंगलौरा इंचार्ज को मोबाइल फोन से आग से जलने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई डॉक्टरों ने संजय, रामावध और जनार्धन को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इसके बाद पुलिस मेडलाइन अस्पताल करनाल पहुंची, जहां मुकुरघुन को अनफिट बताया गया। 22 फरवरी को पुलिस टीम रोहतक पीजीआई पहुंची, जहां तीनों घायलों को बयान देने के लिए अनफिट घोषित किया गया। वारिसों के बयान पर कार्रवाई ट्रॉमा सेंटर के बाहर मौजूद वारिसों में मुराली सहानी ने लिखित बयान दिया। बयान के मुताबिक, कंपनी मालिक राहुल, सुमित और केयरटेकर बलराज ने समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए। इसी लापरवाही के कारण मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। 22 फरवरी को दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी।