फतेहाबाद जिले की रतिया पंचायत समिति के कांग्रेसी चेयरमैन केवल मेहता की कुर्सी चली गई है। उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव दूसरी बार हुई मीटिंग में सिरे चढ़ गया है। इस दौरान 21 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ वोट दिया। इसी के साथ अब केवल मेहता चेयरमैन हट गए हैं। बता दें कि, इससे पहले 19 फरवरी को भी मीटिंग रखी गई थी। मगर एडीसी अनुराग ढालिया का स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर स्थगित कर दी गई थी। इससे नाराज होकर पंचायत समिति के 16 सदस्य चंडीगढ़ जाकर सीएम नायब सैनी से मिले थे। उनके साथ पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल भी रही थी। सीएम ने मीटिंग करवाने के निर्देश दिए थे। बता दें कि, रतिया पंचायत समिति के 22 सदस्यों में से एक का निधन हो चुका है। बाकी 21 सदस्यों में से विरोधी खेमे को 14 सदस्यों की एकजुटता चाहिए थी। विरोधी खेमे में 16 सदस्यों का बहुमत रहा। सदस्य बोले-अब बीजेपी का बनाएंगे चेयरमैन पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन अवतार सिंह व सदस्य अमन सिंह ने बताया कि एडीसी अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में 21 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ वोट किया है। अब जल्द ही बीजेपी का नया चेयरमैन बनाया जाएगा ताकि रतिया ब्लॉक के गांवों में विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि नए चेयरमैन का नाम बीजेपी के जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल से विचार-विमर्श करके तय किया जाएगा। इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। इन सदस्यों ने की खिलाफ वोटिंग इस मीटिंग के दौरान चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ वाइस चेयरमैन अवतार सिंह, विकास सिंह, तारा सिंह, बग्गा सिंह, अमन सिंह, पालो कौर, सुखदीप कौर, अशोक कुमार, विकास सिंह, जसवीर कौर, ऊषा देवी, जयवीर सिंह, नवीन समेत 16 सदस्यों ने वोटिंग की। 9 फरवरी को सौंपा था अविश्वास प्रस्ताव इससे पहले 9 फरवरी को 21 में से 16 सदस्यों ने डीसी डॉ.विवेक भारती से मिलकर उनसे अविश्वास प्रस्ताव पर मीटिंग बुलाने की मांग की थी। इन सदस्यों का दावा था कि चेयरमैन अपना विश्वास खो चुके हैं। किसी भी सदस्य के साथ वह मिलकर नहीं चलते हैं और न ही विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। सुनीता दुग्गल की साख का बन चुका था सवाल केवल मेहता को चेयरमैन की कुर्सी से हटाना पंचायत समिति सदस्यों से भी ज्यादा पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल के लिए साख का सवाल बना हुआ था। साल 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान दुग्गल को टिकट मिलने पर केवल मेहता बीजेपी छोड़कर चले गए थे। दुग्गल खेमे का मानना है कि इससे आम मतदाताओं में गलत संदेश गया और खिलाफत होने से बीजेपी की रतिया सीट पर हार हुई। अब केवल मेहता को कुर्सी से हटाकर दुग्गल खेमा ने विधानसभा चुनाव की हार का बदला ले लिया है। जानिए… कब क्या-क्या हुआ