थावे के पिड़ुकिया, बाढ़ के लाई, मनेर के लड्डू, गया के तिलकुट, बड़हिया के रसगुल्ला को सरकार जीआई टैग दिलाएगी। बाढ़ विधायक सियाराम सिंह ने बाढ़ की प्रसिद्ध खोबी की लाई के जीआई टैग का मामला विधानसभा में उठाया तो कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाइयों का मसला उठाया। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी। स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि इस सत्र में वसंतोत्सव के दौरान प्रदर्शनी की व्यवस्था करा पाना संभव नहीं है। आगामी सत्र में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के जीआई टैग प्राप्त एवं अन्य विशिष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। किसानों को 266 रुपए वाली यूरिया 350 में मिल रही राज्य के किसानों को 266 रुपए बोरा वाला यूरिया 350-400 रुपए में मिल रही है। भाजपा के देवेश कांत सिंह, जदयू के मंजीत कुमार सिंह समेत 5 विधायकों ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से ये बातें कहीं। देवेशकांत ने कहा कि खाद आपूर्ति करने वाली कंपनियां खुदरा दुकानदार को ट्रांसपोर्टेशन का खर्च नहीं दे रही। दुकानदार सारा खर्च जोड़कर 350-400 रुपए में यूरिया बेच रहे हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि इस मसले पर सरकार बैठक कर शीघ्र समीक्षा करेगी। पूर्व मंत्रियों ने पूछा- मंदिर की घेराबंदी को निबंधन जरूरी क्यों? राज्य के मंदिरों की घेराबंदी व बाउंड्री के मसले पर भाजपा के दो पूर्व मंत्रियों तारकिशोर प्रसाद और सुनील कुमार ने सवाल उठाए। सदन में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूछा कि मंदिर की घेराबंदी के लिए धार्मिक न्यास पर्षद से निबंधित होना क्यों जरूरी बनाया गया है? 10 हजार कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गई, पर उनमें तो निबंधित होने की शर्त नहीं है। सम्राट ने कहा कि निबंधन से मुक्त करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सुनील कुमार ने फिर कहा कि बिहारशरीफ में 83 डिसमिल सरकारी जमीन कब्रिस्तान के लिए घेर ली गई है। इसको मुक्त कराएं।