पंजाब सरकार की युद्ध नशा विरुद्ध मुहिम के बावजूद चिट्टा और दूसरे नशा बेचने का धंधा नहीं रुक रहा है। युवा इसके तेजी से शिकार बन रहे हैं। लोगों को नशे से मुक्त करने के लिए अब निहंग सिंहों ने कमान संभालने का निर्णय लिया है। गांवों को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए निहंग सिंहों ने सरकार के पैरलल अपनी मुहिम शुरू करने का ऐलान कर दिया। निहंग सिंहों ने चिट्टा मुक्त गांव या मोहल्ला बनाने के लिए फार्मूला तय किया है। निहंग सिंहों ने साफ कर दिया कि वो कानून के हिसाब से लोगों को चिट्टा बेचने से रोकेंगे, लेकिन नहीं मानें तो फिर अपने हिसाब से काम करेंगे पर चिट्टा बिकने नहीं देंगे। लुधियाना में निहंग सिंहों ने इस मुहिम की शुरुआत कर दी है। निहंग सिंहों ने एक दिन पहले लुधियाना के गांव तलवंडी में रेड की। कुछ नशा तस्कर उन्हें देखकर भाग गए। निहंग सिंह कुलदीप सिंह खालसा ने साफ कर दिया कि वो तब तक अपनी मुहिम जारी रखेंगे जब तक गांवों को चिट्टा मुक्त नहीं बना देंगे। चिट्टा मुक्त बनाने के लिए निहंग सिंहों का फार्मूला क्या है? ऐसे समझिए जानिए— गांवों को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए कैसे चलाएंगे मुहिम? लुधियाना के तलवंडी से की मुहिम शुरू निहंग सिंहाें ने अपनी इस मुहिम की शुरुआत लाडोवाल के नजदीक तलवंडी गांव से की है। तलवंडी गांव नशा के लिए प्रसिद्ध है और इस गांव में कई युवाओं की मौत भी हो चुकी है। कुलदीप सिंह खालसा ने बताया कि कुछ महिलाओं ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने अपनी मुहिम इसी गांव से शुरू की। उन्होंने बताया कि गांव में जब रेड की तो कुछ लोग भाग गए। उनके पीछे निहंग सिंह भी भागे हैं। उन्हें पूर्व में सूचना मिल गई थी, क्योंकि सभी लोग पहले एकत्रित हुए थे। आगे से रेड सीक्रेट तरीके से करेंगे। कहा कि नशे को किसी भी हाल में नहीं बिकने देंगे। लोगों को इसके साथ जोड़ेंगे।