चंडीगढ़ में फाइनेंसर रामलाल पर ED का एक्शन:28 कनाल जमीन समेत 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क, PMLA की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल

चंडीगढ़ में 11 करोड़ रुपये की ठगी के दो बड़े मामलों में गिरफ्तार फाइनेंसर रामलाल चौधरी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब चार साल तक चली जांच के बाद ईडी ने रामलाल की करोड़ों की चल-अचल संपत्तियों का खुलासा किया है और 11 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। चार साल पहले चंडीगढ़ पुलिस ने 11 करोड़ रुपये की ठगी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। आरोप है कि रामलाल ने गुरुग्राम के कारोबारी अतुल्य शर्मा से पांच करोड़ और हरियाणा के रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर नरेश कुमार से छह करोड़ रुपये ठगे थे। गिरफ्तारी के बाद मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू हुई। फ्लैट और 28 कनाल से ज्यादा जमीन ईडी की जांच में सामने आया कि रामलाल और उसके परिवार के नाम पर शहर के अलग-अलग इलाकों में 10 मकान हैं। इनमें से पांच मकान अकेले रामदरबार कॉलोनी में पाए गए। इसके अलावा फ्लैट, एक कोठी, चार बूथ और ट्राइसिटी व पंजाब में 28 कनाल से अधिक खेतीबाड़ी की जमीन भी मिली है। ईडी के अनुसार यह केवल नामी संपत्तियां हैं, जबकि करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों की भी जांच जारी है। जांच के दौरान रामलाल के 10 बैंक खाते सामने आए, जिनमें 4.21 करोड़ रुपये जमा मिले। ईडी ने सेक्टर-46 स्थित करीब 1500 गज की कोठी को कुर्क किया है, जिसकी अनुमानित कीमत सात करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा खेतीबाड़ी की जमीन और बैंक खातों को मिलाकर कुल 11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। सब्जी बेचने से फाइनेंस कारोबारी बनने तक ईडी को दिए बयान में रामलाल ने बताया कि वह केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है। 16 वर्ष की उम्र में वह सीकर (राजस्थान) से चंडीगढ़ आया और 1976 से 1980 तक सब्जी बेचने का काम किया। इसके बाद गांव करसान में राशन की छोटी दुकान चलाई। वर्ष 1991 में उसे सरकारी राशन डिपो आवंटित हुआ, जहां वह केरोसिन तेल, चीनी, चावल और गेहूं का वितरण करता था। बाद में उसने फाइनेंस और प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे झुग्गी से कोठियों तक पहुंच गया। उसके खिलाफ हत्या और दुष्कर्म के दो मामले भी दर्ज हुए थे, जिनमें वह अदालत से बरी हो चुका है। ‘चौधरी प्रॉपर्टीज’ सिर्फ नाम का कारोबार जांच में सामने आया कि रामलाल रामदरबार में ‘चौधरी प्रॉपर्टीज’ नाम से काम करता था, लेकिन यह फर्म पंजीकृत नहीं थी। उसके बेटे अमित कुमार ने भी बिना लाइसेंस फाइनेंस और अन्य कारोबार करने की बात स्वीकार की। ईडी के मुताबिक प्रॉपर्टी डीलिंग और फाइनेंस का कारोबार केवल दिखावा था। वह अवैध रूप से लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा देता था और रकम न चुकाने पर उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर लेता था। मामले में आगे की जांच जारी है।

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