फतेहाबाद जिले के रतिया स्थित शहीद देवेंद्र सिंह महिला गवर्नमेंट कॉलेज में कार्यकारी प्रिंसिपल के खिलाफ आरोप लगाने वाले स्टाफ सदस्य अब खुलकर सामने आने लगे हैं। एक महिला शिक्षिका ने कैमरे के सामने आकर आरोप लगाए हैं कि हर स्टाफ सदस्य के साथ ही कार्यकारी प्रिंसिपल का बिहेव ठीक नहीं है। जब से कार्यकारी प्रिंसिपल को डीडीओ पावर मिली है, तभी से वह हर स्टाफ सदस्य को प्रताड़ित कर रहे हैं। जब महिला कर्मचारी ही सेफ नहीं है, तो बच्चियां कैसे सुरक्षित रहेंगी। बता दें कि, कॉलेज के 19 स्टाफ सदस्यों ने कॉलेज इंचार्ज (कार्यकारी प्रिंसिपल) के खिलाफ उच्चतर शिक्षा विभाग, डीसी, एसडीएम को सामूहिक शिकायत भेजी है। शिकायत में इंचार्ज पर शिक्षकों के पहनावे पर टिप्पणी, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और महिला स्टाफ को अकेले में बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत करने वालों में 4 एसोसिएट प्रोफेसर, 7 एक्सटेंशन लेक्चरर और 8 नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्य शामिल हैं। इनमें 8 महिला कर्मचारी हैं। जानिए… महिला शिक्षिका ने क्या-क्या बताया जानिए… स्टाफ सदस्यों ने डीजी को भेजी शिकायत में क्या लिखा बोले-एक्ट का भी हो रहा उल्लंघन शिकायत में कहा गया है कि इस प्रकार का आचरण पेशेवर नैतिकता का स्पष्ट उल्लंघन है। यह यौन उत्पीड़न निवारण (POSH) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के भी विरुद्ध है, जो महिलाओं के लिए सुरक्षित और संरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने का प्रावधान करता है। इन गंभीर आरोपों की तत्काल, निष्पक्ष और गोपनीय जांच कराने और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। कार्यकारी प्रिंसिपल बोले-वर्क लोड ज्यादा, इसलिए नाराजगी वहीं, इस पूरे प्रकरण पर कार्यकारी प्रिंसिपल परमजीत संधा ने कहा कि उन्हें मीडिया के जरिए पता चला है कि हमारे कुछ स्टाफ सदस्यों को नाराजगी है। यह हमारा परिवार है, ऐसा कोई मामला नहीं है यहां पर। वर्क लोड बहुत ज्यादा हो गया है, कॉलेज में स्टाफ की भारी कमी है।
काम सबके पास ज्यादा है। काम कहने पड़ते हैं, इसलिए स्टाफ में कुछ नाराजगी हो जाती है। किसी सदस्य को मिस अंडर स्टैंडिंग हो गई है। आपस में बैठकर मामला सुलझा लेंगे।