कुरुक्षेत्र पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत:बोले-ट्रेड डील के विरोध में ट्रैक्टर और किसान तैयार, देशभर में होगी महापंचायत

कुरुक्षेत्र में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान आंदोलन तेज हो गया है। आज कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में देशभर के किसान संगठनों की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रमुख रूप से किसान नेता राकेश टिकैत शामिल हुए। जाट धर्मशाला में आयोजित इस अहम बैठक में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों से किसान नेता और प्रतिनिधि पहुंचे। बैठक का मुख्य मुद्दा भारत-अमेरिका ट्रेड डील रहा। किसानों ने आशंका जताई कि इस डील से कृषि क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और छोटे व मझोले किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो सकते हैं। 10 से 13 अप्रैल तक देशभर में होगी महापंचायत बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 मार्च से 13 अप्रैल तक देश के हर राज्य में महापंचायत आयोजित की जाएगी। इन महापंचायतों के माध्यम से किसानों और आम जनता को ट्रेड डील और सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के बारे में जागरूक किया जाएगा। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अब पूरी तरह तैयार हैं। “ट्रैक्टर भी तैयार हैं और किसान भी तैयार हैं। यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता के हितों की है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर महापड़ाव दूसरे दिन भी जारी इस राष्ट्रीय बैठक के साथ-साथ कुरुक्षेत्र में हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर किसानों का 3 दिवसीय महापड़ाव दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदेश के करीब 10 किसान संगठनों के आह्वान पर मंगलवार को किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े थे। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद किसानों ने बीच सड़क पर ही महापड़ाव शुरू कर दिया। सरकार पर बातचीत से बचने का आरोप पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि सीएम सैनी से मिलने के लिए किसान प्रतिनिधि पहुंचे थे, लेकिन सरकार की ओर से बातचीत का कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सीएम सैनी कहते हैं कि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों को बैरिकेडिंग लगाकर रोका जा रहा है। किसान नेता अमरजीत सिंह मोहड़ी ने भी कहा कि सरकार की ओर से अब तक बातचीत के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान गांव-गांव जाकर ट्रेड डील के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे। किसानों की प्रमुख मांगें किसान संगठनों ने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द किया जाए, किसान और मजदूरों को कर्जमुक्त किया जाए, अधिक बारिश से खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए और बुजुर्गों की काटी जा रही बुढ़ापा पेंशन को बहाल किया जाए। किसान नेताओं ने बताया कि 26 मार्च को राष्ट्रपति के नाम हरियाणा के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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