हत्या मामले में 10 आरोपियों को आजीवन कारावास:27 साल पहले हुआ था मर्डर, ट्रायल के समय गई पांच आरोपियों की जान

बेगूसराय के बरौनी थाना क्षेत्र के बरियाही गांव में 1999 में हुए नागो यादव की हत्या मामले में 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) संजय कुमार की अदालत ने सुनाया है। 5 आरोपी की ट्रायल के दौरान ही मौत हो चुकी है। अदालत ने चकिया थाना के कसहा बरियाही गांव के रहने वाले दिनेश यादव, मकेश्वर यादव, श्रवण यादव, रामविलास यादव, रमेश यादव, दशरथ यादव, रणवीर यादव, रणधीर यादव, निरंजन यादव और राम इकबाल यादव को दोषी माना। इन्हें धारा- 302, 323, 147, 148 और 149 के तहत दोषी घोषित किया गया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को धारा- 147 में 2 साल कारावास और तीन हजार रुपए जुर्माना, धारा- 148 में 3 साल कारावास व एक हजार रुपए जुर्माना, धारा-323 में एक साल का कारावास और पांच सौ रुपए जुर्माना लगाया है। साथ ही धारा- 302 में आजीवन कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। 15 गवाहों की गवाही कराई 27 साल से चल रहे इस मामले के ट्रायल के दौरान आरोपियों में से सिकंदर यादव, कपिलदेव यादव, बौएलाल यादव, दयानंद यादव और श्याम सुंदर यादव की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है। इस मामले में अभियोजन की ओर से दिलीप कुशवाहा ने 15 गवाहों की गवाही कराई। जबकि, मृतक के बेटे और घटना के सूचक रामाकांत यादव की ओर से वकील रणविजय कुमार निराला ने न्यायालय में पक्ष रखा। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान सूचक के अधिवक्ता ने न्यायालय से अधिकतम सजा देने की प्रार्थना की। इसके बाद पर्याप्त साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस मामले में एफआईआर में रामाकांत यादव ने आरोप लगाया था कि 4 अगस्त 1999 को सुबह 6 बजे घर से निकलकर टॉयलेट करने बाहर गया। वापस आते समय दिनेश यादव ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आधे घंटे के बाद करीब 6:30 बजे सभी आरोपी उसके घर पर पिस्टल, लाठी से लैस होकर आए और हमला कर दिया। सिर फोड़ कर ली थी जान दयानंद यादव ने रामाकांत यादव के पिता नागो यादव के हमला कर सिर फाड़ दिया, जिससे नागो यादव नीचे गिर पड़े और कुछ ही देर में ही उनकी घटनास्थल पर मौत हो गई ।आरोपितों ने रामाकांत यादव और उसके अन्य परिजनों के साथ मारपीट किया। मामला करीब 27 साल न्यायालय में चला। सूचक के अधिवक्ता रणविजय कुमार निराला ने इस मामले में कई बार दूसरे न्यायालय में भेजने के लिए ट्रांसफर पिटीशन दाखिल किया था। अंत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) संजय कुमार की अदालत में आज फैसला सुनाया गया।

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