चंडीगढ़ में 3 साल से डटे अफसर हटेंगे:विजिलेंस विभाग तैयार कर रहा सूची, चीफ सेक्रेटरी ने जारी किया था लेटर

चंडीगढ़ में विजिलेंस विभाग ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर रहा है, जो पब्लिक डीलिंग और संवेदनशील पदों पर तीन साल से ज्यादा समय डटे हैं। उम्मीद जताई जा रही थी कि तीन साल से अधिक समय से एक ही सीट पर बैठे अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे। सबसे अधिक चर्चा बुडैल जेल में तैनात एआईजी और साथ ही सोशल वेलफेयर विभाग का कार्यभार संभाल रहीं पालिका अरोड़ा को लेकर हो रही है। वह वर्ष 2022 से इन पदों पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि वह पंजाब से डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आई थीं और तीन साल से अधिक समय से दोनों अहम पदों का जिम्मा संभाल रही हैं। बता दें कि, हाल ही में चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया था कि सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (केंद्रीय सतर्कता आयोग) के निर्देशों के अनुसार किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को तीन साल से अधिक समय तक पब्लिक डीलिंग पोस्ट पर तैनात नहीं रखा जा सकता। ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल उनके कार्यालय को देने को कहा गया था। साथ ही संवेदनशील पदों पर समय-समय पर रोटेशन को अनिवार्य बताया गया था। इस लेटर में स्पष्ट रूप से तीन साल से अधिक तैनाती वाले अधिकारियों का ब्यौरा मांगा गया है। इसके बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों के तबादले नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेंशन में देरी पर भी उठे सवाल सोशल वेलफेयर विभाग के तहत बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन में देरी को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। यह मुद्दा सार्वजनिक मंचों पर भी उठ चुका है। बताया जाता है कि कई महीनों से पेंशन वितरण में अनियमितता की शिकायतें आ रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *