चंडीगढ़ में फर्जी ऑनलाइन निवेश घोटाले के मामले में साइबर सेल ने एक आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2021 की विभिन्न धाराओं 318(2), 318(4), 319(7), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात के वडोदरा निवासी आनंद कुमार श्रीवास्तव (27) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और पूरे मनी ट्रेल का पता लगाया जा रहा है। शुरुआत में फायदा दिखा ठगा मामला चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता ने बताया कि टेलीग्राम पर @SPREADEXGLOBALLTD नाम से एक फर्जी निवेश स्कीम चलाई जा रही थी। इसमें ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में थोड़ा फायदा दिखाया गया, जिससे उसे भरोसा हो गया। इसके बाद उसने अलग-अलग खातों में कुल 23,76,632 रुपये जमा कर दिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उसे पैसे नहीं दिए गए। इस तरह वह साइबर ठगी का शिकार हो गया। गुजरात से पकड़ा गया आरोपी जांच के दौरान पता चला कि ठगी की बड़ी रकम आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते (लेयर-1) में ट्रांसफर की गई थी। यह खाता ‘एम/एस सालकृपा लॉन्ड्री’ के नाम पर था, जिसका मालिक आनंद कुमार श्रीवास्तव (27), निवासी वडोदरा, गुजरात है। चंडीगढ़ साइबर क्राइम की टीम ने गुजरात पुलिस की मदद से वडोदरा में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना उसके परिवार को भी दे दी गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बैंक खाता खोलकर उसका किट अपने एक साथी को पैसों के बदले सौंप दिया था। उसे पता था कि इस खाते के जरिए अवैध रकम ट्रांसफर की जाएगी और इसके बदले उसे कमीशन मिलता था। आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि यह खाता ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जा रही ठगी की रकम को आगे भेजने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।