“गारंटी ले रहा हूं, एक बूंद में मौत हो जाएगी। आज तक जो भी ले गया काम हुआ है। मर्डर भी हो गया कोई फंसा भी नहीं है। केस का तो टेंशन ही नहीं लीजिए, पोस्टमॉर्टम में डॉक्टर भी नहीं पकड़ पाएगा। पुलिस की तो बात ही छोड़िए। कहीं भी कटा हो बस एक बूंद डालिए, फिर मौत की उल्टी गिनती शुरू। एक, दो नहीं सैकड़ों सांपों का जहर इस काम के लिए लोगों को दिया है, कहीं से शिकायत नहीं आई। गर्लफ्रेंड, बीबी, बॉयफ्रेंड या पति किसी को भी रास्ते से हटाने का इससे सेफ तरीका कोई नहीं। बस एक ही बूंद में गेम ओवर हो जाता है..।” यह साइलेंट मर्डर की खतरनाक डील है, जिसमें तस्कर मर्डर के लिए सांप का जहर दे रहे हैं। हमारी यह डील किसी मर्डर के लिए नहीं, बल्कि सांप का जहर बेचने वाले तस्करों को एक्सपोज करने के लिए है। क्योंकि हर साल बिहार में 10 हजार से ज्यादा मौत सांप के जहर से हुई हैं ,जो अन-रिपोर्टेड होती हैं, जबकि औसतन एक हजार मौत दर्ज होती है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए बिहार में सांप के जहर से साइलेंट मर्डर का नया ट्रेंड..। बिहार के 5 जिलों में डील सांपों के जहर की तस्करी की इन्वेस्टिगेशन के दौरान इनपुट मिला कि बिहार में साइलेंट मर्डर के लिए भी सांपों के जहर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मर्डर के इस नए ट्रेंड का इनपुट मिलने के बाद भास्कर रिपोर्टर बिहार के 5 अलग-अलग जिलों में सांप तस्करों से गर्लफ्रेंड, बीबी, बॉयफ्रेंड और पतियों के मर्डर के लिए जहर की डील की। तस्करों ने मौत के नए ट्रेंड के साथ इसकी सेफ साइड भी बताई। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को नेपाल सीमा से सटे जिलों में सांप का जहर बेचने वाले तस्करों का इनपुट मिला। पश्चिमी चंपारण में बड़े नेटवर्क की सूचना मिली। कई दिनों तक सुराग लगाने के बाद जहर के बड़े धंधेबाज का पता चला। रिपोर्टर पश्चिमी चंपारण के कोटवा गांव पहुंचा तो तस्कर के बेटे तूफानी से मुलाकात हुई। तूफानी ने पिता के धंधे से जुड़े कई बड़े खुलासे किए। “मेरे पापा सांप का जहर बेचते थे। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। सांप के जहर से ही उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद हम लोग यह काम छोड़ दिए। जहर निकालने के दौरान ही एक खतरनाक सांप ने उन्हें डंस लिया था। पापा जब थे, तो सांप के जहर का धंधा होता था। खतरनाक सांपों के जहर का ही काम होता था। आज भी काफी डिमांड है। लोग आते हैं, लेकिन हम लोग नहीं देते हैं। जहां यह काम होता है, वहीं लोगों को भेज दिया जाता है।” तूफानी ने सांप के जहर के तस्करों से जुड़े कई खुलासे करते हुए बताया कि आप खैरपोखरा स्टेशन चले जाइए। वहां कई लोग जहर निकालते हैं। वहां आपका काम हो जाएगा। अगर वहां जहर नहीं मिलता है तो बगहा के कैलाशनगर चले जाइए। वहां तो खतरनाक से खतरनाक सांप का जहर मिल जाएगा। तूफानी के इनपुट पर खैरपोखरा, कैलाशनगर में डील के दौरान बड़े तस्कर लोहा का इनपुट मिला। रिपोर्टर जब बगहा के मसहवा में लोहा से मिला तो उसने साइलेंट मर्डर के नए ट्रेंड से चौंका दिया। “गारंटी ले रहा हूं, गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड की मौत हो जाएगी। देखिए, इस तरह से हत्या में आप नहीं फंसेंगे और ना ही कोई पकड़ में आएगा। आपने हत्या भी कर दी और पकड़े भी नहीं जाएंगे। मुकदमे के टेंशन से भी बाहर रहेंगे। पुलिस पकड़ेगी नहीं तो कौन पूछेगा। बिना पोस्टमॉर्टम के पता तक नहीं चलेगा। पोस्टमॉर्टम होगा भी तो सांप काटने की रिपोर्ट आएगी। अब सांप का जहर जब पकड़ में आएगा तो कोई जान नहीं पाएगा कि कैसे मौत हुई है। जहर से गारंटी के साथ मौत होगी। गारंटी इतनी है कि आप यह नहीं कह पाएंगे कि मेरा काम नहीं हुआ है। अभी फिलहाल एक ही सांप का जहर है, अभी निकला हूं। ले जाइए काम हो जाएगा। बहुत से लोग यहां इसीलिए जहर लेने आते हैं।” पैसा दीजिए आपके सामने निकाल दूंगा सांप तस्कर लोहा बोला, “एक और सांप है, जिसका जहर निकालना है। जहर को सिरिंज के माध्यम से खींचना होगा। पैसा दीजिए, आपके सामने खींचकर दे दूंगा। थोड़ा-सा निकलेगा, लेकिन काम हो जाएगा। जहर निकालने में रिस्क है, हाथ से छूना नहीं होगा। हाथ में कहीं भी थोड़ा-सा खरोच होगा तो जहर लगते ही मौत हो सकती है। कटे पर लगाए कि काम हो जाएगा। कल ही जहर निकालने का डेट था, लेकिन अभी नहीं निकाला हूं। अभी सांप को पकड़कर रख दिया हूं। सिरिंज लेकर आइए, मैं खींचकर दे दूंगा। जितना खींचा जाता है, सांप को फिर उतना ही जहर बन जाता है। नया जहर बनने में बस 4 से 5 दिन का समय लगता है। देखिए, मेरे पास कई सांप हैं, जिसमें ये सबसे जहरीला सांप है। इसका जो इंजेक्शन बनेगा, इससे आदमी बच नहीं सकता है। मेरे पास सांप पकड़ने की कलाकारी है। मैं पकड़ता हूं उसी का पैसा लेता हूं। जल्दी बोलिए, समय नहीं है, फटाफट लेना है तो बताइए। हाथों-हाथ निकालकर दे दूंगा। रेट में कोई गुंजाइश नहीं होगी।” यहां लोग मुंह मांगे पैसे देते हैं, आप इतना मोल-भाव कर रहे सांप तस्कर लोहा बोला, “आप इतना मोल-जोल कर रहे हैं। यहां लोग मुंह-मांगा दाम देकर ले जाते हैं। बहुत लोग यहां से ले गए हैं। 100% गारंटी के साथ काम करता है। हाथ से नहीं, सिर्फ सिरिंज से खींचकर दे देना है। इतना तगड़ा जहर है कि एक बूंद देते ही इंसान साफ हो जाएगा।” जिसको भी मारना है, घाव पर बस एक बूंद डाल दीजिए लोहा ने दावा किया, “जिसको मारना है, शरीर पर कहीं भी घाव हो उसपर थोड़ा-सा सिरिंज से खींचकर लगा दीजिए, आदमी साफ हो जाएगा। उसे पता भी नहीं चलेगा कि उसके शरीर में क्या किया गया है, अपने-आप साफ हो जाएगा। देखिए, एक और रखा है, वह भी कोबरा सांप है। इस समय तक मुझे खुद ही अंदाजा नहीं है कि कितने सांपों का जहर निकाल चुका हूं।” मारने के लिए ही लोग जहर ले जाते हैं.. लोहा बोला, “दवा वाली खाली शीशी में मैं पैक कर दूंगा। आपका काम गारंटी के साथ होगा, कहीं से कोई संदेह ही नहीं है। किसी को मारना है तो आराम से ले जाइए, हर हाल में काम होगा। कोई बीमार हो तो दवा में मिलाकर दिलवा दीजिए। कोई सोया हुआ है और उसके शरीर में कोई जख्म के निशान हैं तो उस पर धीरे से गिरा दीजिए। साइलेंट मर्डर करने के लिए यह परफेक्ट जुगाड़ है।” अगर लोगों का काम नहीं होता तो इतनी डिमांड क्यों होती लोहा बोला, “इतने खतरनाक सांपों का जहर तो मारने के ही काम में आता है। यहां से बहुत लोग ले जाते हैं। अगर मौत नहीं होती तो इतने लोग मेरे पास आते क्यों? इतने दिनों से काम कर रहां हूं, सैकड़ों लोगों को दे चुका हूं। आप इसे ले जाइए, दवा में मिलाकर जिसको देना हो दे दीजिए, काम तमाम हो जाएगा।” सबसे जहरीले सांप का जहर दे रहा हूं सांप तस्कर लोहा बोला, “सबसे जहरीला यह सांप है, जिसका जहर मैं दे रहा हूं। रसेल वाइपर से लेकर मेरे पास सभी खतरनाक सांपों का जहर मिल जाएगा। रसेल वाइपर को पकड़ना काफी मुश्किल है, इसलिए कम मिलता है। फिलहाल मैं जिसका जहर दे रहा हूं, यह सबसे खतरनाक है। अगर आदमी को बिल्कुल ही खत्म करना है तो मैं जो दे रहा हूं, विश्वास करके ले जाइए। हम आपसे क्या बताएं, बहुत महंगा बिकता है। यहां से बहुत लोग ले गए हैं, इतना सवाल जवाब मत कीजिए। सिसवा, बसंतपुर, बेतिया, लौरिया आदि से बहुत सारे लोग आकर जहर ले गए हैं। आज तक जो भी ले गया, दोबारा नहीं आया। इसे देने के बाद आधा घंटा का समय भी बहुत ज्यादा हो गया।” लोगों को लगेगा नशा चढ़ रहा है, इंसान खत्म हो जाएगा लोहा ने बताया, “जैसे-जैसे इसका जहर चढ़ेगा, वैसे-वैसे लगेगा कि नशा चढ़ रहा है। जितना जहर ऊपर पहुंचेगा, उतना समझिए मौत नजदीक आएगी। अगर इंजेक्शन दिलवाना है तो कूल्हे पर दिलवा दीजिए, वह और जल्दी काम करेगा। अगर उसमें डिस्टिल्ड वॉटर मिला देते हैं तो जहर और तेजी से चढ़ेगा। देखिए, जिससे दुश्मनी हो उसे थोड़ा-सा पानी मिलाकर दे दीजिए, तेजी से जहर फैल जाएगा।” डॉक्टर भी नहीं पता लगा पाता है लोहा बोला, “डॉक्टर के यहां लेकर जाएगा तो वह इलाज के दौरान पता नहीं कर पाएगा। इलाज करने वाला डॉक्टर यह नहीं पता लगा पाएगा कि जहर खाया है या फिर बीमारी से मौत हो गई है। जांच और स्कैन का समय ही नहीं मिल पाएगा। डॉक्टर को लगेगा हार्ट फेल हो गया। अगर शव पोस्टमॉर्टम के लिए जाता है तो भी पता नहीं चलेगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आएगा सांप का के जहर से मौत हुई है। ऐसे कोई दूसरा जहर दीजिएगा तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चल जाएगा, लेकिन सांप के जहर का कहीं नहीं पता चलेगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में निकलेगा कि सांप ने काटा, मर गया। इस तरह से जहर दीजिएगा या डंडे से मारकर, या फिर किसी हथियार से मारिएगा तो पता चल जाएगा। यह सबसे सुरक्षित है, इसी से हत्या कीजिए। इसका पता किसी को नहीं चलेगा।” सांप तस्कर लोहा से डील के दौरान ही मसहवा के थारू के बारे में पता चला। वह भी सांप के जहर का बड़े पैमाने पर काम करता है। इनपुट के बाद रिपोर्टर थारू के पास पहुंचा तो वह भी समझ गया कि सांप का जहर मर्डर के लिए ही चाहिए। थारू ने पहले जहर की डिमांड की वजह पूछी और फिर डील किया। थारू ने दावा किया कि बिहार में काफी खतरनाक और जहरीले सांप पाए जाते हैं, इनके जहर से इंसान के बचने की संभावना कम होती है। इसलिए यहां के सांपों के जहर की डिमांड अधिक होती है। थारू का दावा पढ़िए… आपको किस लिए चाहिए? आप यहां तक आए हैं, जहर ढूंढ रहे हैं तो मतलब साफ ही है। सामने वाले किसी इंसान को खत्म करना है। देखिए मेरे पास यह किंग कोबरा सांप है, इसका जहर है मेरे पास। यह काफी खतरनाक है। इसकी बहुत थोड़ी-सी मात्रा भी इंसान की जान लेने के लिए काफी है। शरीर में कहीं भी कटा-फटा या कोई घाव है, वहां एक बूंद भी पड़ जाए तो समझिए वह इंसान बचने वाला नहीं है। आप साफ-साफ बताइए, आपको यह किस काम के लिए चाहिए ? किस लिए ले जा रहे हैं ? क्या किसी से दुश्मनी है, जिसे खत्म करना है? अगर ऐसा है, तो फिर बेधड़क ले जाइए। इस सांप का जहर रखते ही या देते ही इंसान खत्म हो जाएगा। उसके बचने का कोई चांस नहीं । बस पैसा दीजिए, सामने निकाल कर ताजा दे दूंगा, जाकर दे दीजिए। आपकी गर्लफ्रेंड हो या फिर और कोई, जिसको भी दीजिएगा वह इलाज का समय नहीं पाएगा। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में इन्वेस्टिगेशन के दौरान वैशाली हाजीपुर में सांप के जहर का इनपुट मिला। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को पड़ताल के दौरान हाजीपुर के जदुआ के रहने वाले श्रवण का पता चला। वह सांप का रेस्क्यू करता है, लेकिन सांप के जहर का इस्तेमाल बिहार में कैसे हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी रखता है। भास्कर रिपोर्टर से श्रवण ने सांप के जहर से मौत का पूरा ट्रेंड बताया और जहर देने को तैयार हो गया। “मैं कोबरा और रसेल वाइपर से लेकर हर खतरनाक सांप को पकड़ता हूं। हर रोज 2-3 सांप पकड़ते है, हर सांप में एक बार में 0.5ml जहर निकलता है। जहर के लिए मेरे पास बहुत लोग आते हैं। वह किसी न किसी को मारने के लिए ही जहर की डिमांड करते हैं। एक महिला तो अपने बेटा से परेशान होकर उसे मारने के लिए मेरे पास जहर लेने आई थी। वह सांप के जहर से बेटे को मारना चाहती थी ताकि किसी को मौत का कारण पता नहीं चले। ऐसे ही एक और महिला आई थी, उसका बेटा स्मैक पीता था। वह अपना घर जमीन सब बेच दिया था, मां काफी परेशान हो गई थी। सांप के जहर से बेटे से मुक्ति पाना चाहती थी। अगर किसी को मारना हो तो मेरे लिए छोटी बात है।” सांप दे दूंगा, ले जाकर छोड़ दीजिए काटकर मार देगा श्रवण ने बोला, “किसी को मारना है तो सांप बहुत आसान रास्ता है। मैं सांप दे दूंगा, ले जाकर छोड़ दीजिए। सांप काटकर मार देगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा। हालांकि सांप छोड़ने में थोड़ी संभावना दूसरे की मौत की होती है। जिसको टारगेट करना है, वह अगर बाहर रहा तो बच जाएगा। ऐसे में दूसरा कोई निशाने पर आ जाएगा। सांप तो इधर-उधर भाग सकता है।” 20 हजार में 1 ग्राम जहर दे दूंगा “सूई से सांप का जहर देकर मारना सबसे आसान होता है। इसमें जरा सा भी रिस्क नहीं होता है। टारगेट को ही जहर लगता है, वह मर जाता है। पता भी नहीं चलता है, लोगों को लगता है कि अचानक से कोई बीमारी से मौत हो गई। हम आपको कोबरा और रसेल्स वाइपर का जहर दे देंगे। आपके सामने ही जहर निकालकर देंगे, जिससे कोई संदेह नहीं होगा। काम गारंटी के साथ हो जाएगा। इसके लिए 20 हजार रुपया दे दीजिएगा। हाथ में ग्लव्स पहनकर उसका मुंह पकड़ लेंगे और उसको ग्लास पर बाईट करवा के जहर निकालकर दे देंगे। यह काम मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। मेरे संपर्क में कुछ और लोग भी है, उनसे भी बात करवा देंगे।” रिपोर्टर श्रवण से लगातार कई दिनों तक संपर्क में रहा और सांप के जहर पर डील करता रहा। हालांकि बाद में श्रवण को थोड़ा संदेह हो गया, जिसके बाद वह सफाई भी देने लगा। वैशाली में श्रवण से डील के दौरान पटना के फतुहा के पास बड़े सांप तस्कर सत्येंद्र सपेरा का इनपुट मिला। सत्येंद्र सपेरा अपने भाई वीरेंद्र और भतीजे राकेश के साथ बड़े पैमाने पर सांप के जहर का कारोबार करता है। इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए फतुहा से सटे मछरियावां गांव में पहुंचा। सत्येंद्र सपेरा ने जहर से मर्डर का कई बड़ा खुलासा किया। सत्येंद्र ने कहा, “मैं काफी खतरनाक सांपों को पकड़ता हूं। ऐसे सांप एक बार किसी को काट ले तो सीधे मौत होती है। इन सांपों का जहर बहुत ही खतरनाक है। एक बूंद जहर से मौत हो सकती है। हमसे लोग सांप का जहर ले जाते हैं। किसी की किसी से दुश्मनी होने पर वह मेरे पास से जहर लेकर जाते हैं। आपको भी जरुरत है तो सांप का जहर आपके सामने निकाल कर शीशी में भरकर दे देंगे।” जहर के बदले लोग मुंहमांगा पैसा देते हैं। इसकी कोई कीमत ही नहीं है, जैसी जरुरत वैसा पैसा लेते हैं। 100ml का दाम तो करोड़ों में है। हर दिन जहर के लिए बहुत लोग आते हैं, हम उनके सामने ही जहर निकालकर दे देते हैं। किसी को मारना हो तो किसी चीज में मिलाकर खिला दीजिए। सत्येंद्र सपेरा का भतीजा तो जहर के कारोबार में काफी एक्सपर्ट है। डील के दौरान वह कई तरह से सेफ मर्डर का आइडिया दिया। बातचीत के दौरान राकेश ने दावा किया कि वह सांप भी देता है, जिससे कटवाकर हत्या की जा सकती है। राकेश ने कहा, “कई लोग तो सांप ही लेकर चले जाते हैं और उससे कटवा देते हैं। इसके बाद हर किसी को लगता है सांप ने काट लिया। कोई केस नहीं होता है। सांप काटने पर उल्टा सरकार से पैसा भी मिल जाता है। सांप के जहर का अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग कीमत ली जाती है। अगर किसी को मारना है तो हम अधिक पैसा लेते हैं। इसका जहर भी काफी व्यवस्था के साथ देते हैं।” उसने बताया, “हमारे पास से लोग किसी न किसी को मारने के लिए ही जहर ले जाते हैं। कोई गर्लफ्रेंड को मारना चाहता है तो कोई पत्नी को ठिकाने लगाना चाहता है। कई तो बॉयफ्रेंड या किसी प्रेमी को मारने के लिए जहर की डिमांड लेकर आते हैं। एक बात तो साफ है कि जहर बस मारने के लिए ही लोग ले जाते हैं। अगर किसी को मारना है तो आप मार सकते हैं, लेकिन आप पहले बता दीजिए, हम उसको दूसरी शीशी में पैक करके दे देंगे। अगर नशा या और किसी काम के लिए चाहिए तो हम उसको किसी भी शीशी में निकालकर दे देंगे।” सत्येंद्र सपेरा के बड़े भाई वीरेंद्र ने भी सांप के जहर से मौत के कई सेफ ट्रेंड का दावा किया। वीरेंद्र ने भी दावा किया कि उसके दिमाग से मर्डर करने वाला कभी फंसता नहीं है। वह इतना सेफ रास्ता बताता है, जिससे पुलिस कभी पकड़ ही नहीं पाएगी। वीरेंद्र का कहना है, “लोग सांप लेकर जाते हैं और पत्नी गर्लफ्रेंड या किसी को भी जिससे दुश्मनी हो उसको सोते समय कटवा देते हैं। आप भी सांप ले जाइए और गर्लफ्रेंड के बेड पर छोड़ दीजिएगा। सांप आपका काम कर देगा। लोगों को लगेगा कि सांप के काटने से मौत हो गई है। किसी को इसपर शक भी नहीं होता है, जब लोग देखते हैं कि सांप ने काटा है। सांप से कटवाने का तरीका होता है। हम लोग वह तरीका बताकर सांप देते हैं। सांप के जहर का पता नहीं होने से घर वाले इलाज भी नहीं करा पाते हैं। लगता है कि अचानक किसी बीमारी से मौत हो गई। ऐसे लोगों की मौत रहस्य बनकर रह जाती है।” कोई आदमी सोया है, उस आदमी को एक दो आदमी पकड़ लेगा। फिर सांप का सिर पकड़कर सोए हुए इंसान को कटवाना होता है। सांप का मुंह पकड़ने से वह गुस्से में होता है, जिससे वह तेज जहर छोड़ता है। बस 10 से 15 मिनट में इंसान की मौत हो जाती है। उसके बाद सांप को मार दीजिए, लोग कहेगा कि सांप के काटने से मौत हुई है। जुलाई 2024 में लोकसभा में छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बिहार में सांपों से हो रही मौतों का मुद्दा उठाया था। रूडी ने कहा, “भारत में सांप काटने से मरने वालों में सबसे अधिक बिहार के लोग होते हैं। हर साल लगभग 10 हजार लोगों की मौत ऐसी होती है, जो अनरिपोर्टेड होती है।” यूपी के मेरठ में मर्डर में सांप को बनाया हथियार मेरठ (यूपी) के अकबरपुर में 10 महीने पहले अमित कश्यप की हत्या में भी साइलेंट मर्डर की प्लानिंग की गई थी। सौरभ की पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरजीत के साथ मिलकर सांप तस्करों से सांप खरीदा और उससे अमित के शरीर में 10 जगह कटवाए। हालांकि उसकी पूरी प्लानिंग एक्सपोज हो गई, क्योंकि जिस सांप को मर्डर के लिए लाया गया था, उसकी जहर की थैली पहले से निकाली गई थी। पुलिस ने खुलासा किया कि पहले अमित की गला दबाकर हत्या की गई, फिर घटना को साइलेंट मर्डर बनाने के लिए सांप से 10 बार कटवाया गया। विधानसभा में सांप पर बड़ा फैसला बिहार विधानसभा में सत्र के दौरान बड़ा फैसला लिया गया। सर्पदंश से मौत की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सांप के डसने से आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से मृतक के आश्रितों को 4 लाख रुपए ही मुआवजा दिया जाता है। जबकि वन्यजीव के हमले से हुई मौत पर 10 लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। इसके बाद विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार ने निर्देश दिया कि अब से सर्प दंश यानी सांप के डसने पर भी बिहार में मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। इसके लिए विभागीय अफसरों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दे दिया गया। ऑपरेशन जहर पार्ट – 2 में देखिए साइलेंट मर्डर के लिए कैसे निकाला जा रहा सांपों का जहर, फ्रांस तक कैसे फैली है जहर की सप्लाई चेन…।