‘तू मेरी न हो सकी तो क्या हुआ… मैं तुम्हें किसी और का होने नहीं दूंगा…तुम्हारे घर वाले जहां भी शादी करेंगे मैं उस दूल्हे को भी मार दूंगा।’ यह डायलॉग किसी फिल्म का नहीं, बल्कि एकतरफा प्यार में पागल बक्सर के दीनबंधु का है। वह अक्सर आरती और उसके माता-पिता को इसी तरह धमकाता था। मंगलवार रात बक्सर के चौसा में स्टेज पर खड़ी दुल्हन आरती कुमारी (22) को प्रेमी ने आधे मीटर की दूरी से वरमाला के दौरान गोली मार दी। लड़की के पेट में गोली लगी है। वो अस्पताल में भर्ती है। दूल्हा शादी की रस्मों के लिए तैयार था, लेकिन उससे पहले ही दुल्हन खून से लाल हो गई। इस दौरान दूल्हे को कुछ समझ नहीं आया। जब घटना के बारे में पता चला तो वो शादी का मंडप छोड़कर अपने घर लौट गया। वहीं, लड़की के पिता नंद जी चौधरी का कहना है, ‘मैं गरीब परिवार से हूं। बेटी की शादी के लिए 5 लाख रुपए कर्ज लिए थे। अगर मेरी बेटी बच भी गई तो उससे शादी कौन करेगा? मेरी बेटी अब कैसे जिएगी?’ इतना कहते ही वे फूट-फूटकर रोने लगे। अब घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… आरती को दीनबंधु कब से परेशान कर रहा था? आरती ने कैसे उसका विरोध किया? आरती के ससुरालवालों को उसने किस तरह से धमकाया और गांव की पंचायत में क्या हुआ था…पढ़िए पूरी रिपोर्ट… इस घटना को लेकर दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 15KM दूर मुफस्सिल थाना इलाके के नगर चौसा पंचायत के मल्लाह टोला पहुंची। इस दौरान पूरे गांव के लोग एक ही घर के आगे जुटे थे। सब लड़की के लिए दुआ मांग रहे थे, बच्ची को कुछ नहीं होना चाहिए…वो बच जाए। सबसे पहले जानिए आरोपी के बारे में…शराब तस्करी में कैसे शामिल हुआ था बक्सर के मल्लाह टोला के निवासी नंद जी चौधरी के घर पर मंगलवार की रात उत्सव जैसा माहौल था। दरवाजे पर नाच-गाना हो रहा था, महिलाएं गीत गा रही थीं। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सुलेमनपुर गांव से रात 8 बजे बारात आई थी। लड़कियां तैयार होकर स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन के बगल में खड़ी थीं। सभी की हंसी गूंज रही थी। सब कुछ सामान्य था, बिल्कुल वैसा ही जैसा किसी भी गांव में शादी के दौरान होता है, लेकिन उसी भीड़ में एक शख्स छिपा हुआ था। जिसकी सोच थी अगर आरती मेरी नहीं हुई, तो किसी की भी नहीं होगी। वह युवक दीनबंधु चौधरी (24) था। लड़की की बुआ कमला देवी बतातीं हैं, आरोपी दीनबंधु ने इंटर तक पढ़ाई की है। इसके बाद वो 2020 से शराब तस्करी में उतर गया था। 2021 में दीनबुंध शराब तस्करी करते पकड़ाया भी था, उसे इस मामले में जेल भी हुई थी। आरती ने प्रपोजल ठुकराया, सबको धमकाने लगा कमला देवी आगे बतातीं हैं, 2022 में वो जेल से छूटा इसके बाद वो गांव में सीना चौड़ाकर अपने आप को अपराधी कहता था। इसी बीच 2024 में दीनबंधु की नजर पहली बार आरती कुमारी (22) पर पड़ी। वो मंदिर जा रही थी। इसी दौरान दीनबंधु ने उसे देखते ही रोकने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं रुकी। कुछ दिनों बाद उसने आरती को रास्ते में रोककर घुटने पर जाकर सीधे प्रपोज कर दिया। ये देख आरती पहले शॉक हो गई। इसके बाद इधर-उधर देख आरती ने उससे साफ कहा, तुम जैसे लड़के से मैं शादी नहीं करूंगी। लेकिन यही बात दीनबंधु को पत्थर की तरह चुभ गई। उसने आरती का पीछा करना शुरू कर दिया। कब घर से निकलती है, कहां जाती है, किससे बात करती है…वो सब पर नजर रखता था। आरती शुरू में चुप रही, लेकिन लगातार पीछा करने और घूरने की वजह से परेशान होकर उसने अपनी मां को ये बात बता दी। परिवार ने आरोपी के पिता से शिकायत की। कुछ समय तक मामला शांत रहा, लेकिन दीनबंधु का जुनून कम नहीं हुआ। पहली शादी तुड़वाई, ससुराल पहुंच गया था आरती की मां सुशीला देवी बताती हैं, ‘एक साल पहले भी बेटी की शादी तय की थी, पर दीनबंधु लड़के वालों के घर जा पहुंचा। उसने लड़के वालों से कहा, अगर आरती से शादी की तो मार डालूंगा। लड़के वाले डर गए और अगले ही दिन रिश्ता तोड़ दिया। इसके बाद पंचायत बैठी। बात बनी। आरोपी के पिता ने शर्मिंदगी में उसे पंजाब मजदूरी के लिए भेज दिया। पर वह दोस्तों के जरिए लगातार आरती पर नजर रखता था।’ दूसरी शादी बक्सर से बाहर, ताकि आरोपी को भनक न लगे कमला देवी ने कहा, आरती के पिता नंद जी चौधरी को दीनबंधु का जुनून समझ आ गया था। इसलिए इस बार उन्होंने बेटी की शादी बक्सर से बाहर बलिया में तय की। परिवार ने पूरी सावधानी बरती और 2025 के अगस्त में बेटी का रिश्ता फिक्स कर दिया। हालांकि, जनवरी 2026 में किसी दोस्त के जरिए दीनबंधु को जानकारी मिल गई कि आरती की शादी 24 फरवरी को है। वह ये सुनते ही गुस्से से आगबबूला हो गया। इसी दौरान पंजाब में बैठकर उसने योजना बनाई की वो आरती को जान से कैसे मारेगा। घटना से तीन दिन पहले चोरी-छिपे दीनबंधु गांव लौट आया, लेकिन अपने घर जाने की जगह वो दोस्त के रूम पर रुक गया। उसके पिता को इसके बारे में पता तो चल गया था, लेकिन उन्होंने किसी को नहीं बताया। शायद इसलिए कि उन्हें बेटे की हरकतों पर भरोसा नहीं था। बहन टीका कर रही, स्टेज पर दुल्हन मुस्कुरा रही आरती की बहन निशा कुमारी कहती हैं, रात 8 बजे द्वार पर बारात आई। दीदी बहुत खुश थी। जीजा का द्वार पूजा हुआ। इसके बाद उन्हें स्टेज पर लाया गया। इस दौरान हम सब बहनें फोटो खींचवा रहे थे। 9.30 बजे दीदी को स्टेज पर लेकर आए। पहले दीदी ने जीजा की आरती उतारी, टीका किया। इसके बाद वरमाला हुआ। फिर हम सालियों ने जीजा जी की आरती उतारी। हमने उन्हें वो हमलोगों को रसगुल्ला खिला रहे थे। दीदी और जीजाजी हंस रहे थे, पोज दे रहे थे। इसी दौरान भीड़ में बाराती बनकर पहुंचा दीनबंधु मुंह पर पीला रूमाल बांधे इस सब का वीडियो बना रहा था। फोटो खींचने के बहाने स्टेज के पास पहुंचा दीनबंधु दीनबंधु ने जैसे देखा, हम लड़कियां जीजा के साइड हैं, उसने एक पॉकेट में मोबाइल रखा। बांह उठाई और दूसरे पॉकेट से बंदूक निकालते ही आरती के सीने को निशाना बनाया। आधे मीटर की दूरी से गोली चला दी, लेकिन गोली सीधे दीदी(आरती) के पेट में घुस गई। शोर की वजह से आवाज दब गई। पहले सबको लगा पटाखे की आवाज है, लेकिन जैसे ही खून तेजी से बहने लगा स्टेज पर हड़कंप मच गया। आरती लड़खड़ाकर गिर पड़ी। सालियां, दूल्हे के दोस्त, परिजन सब एक साथ चिल्ला उठे। दीनबंधु ने गोली मारी… दीनबंधु ने कुछ सेकेंड बाद दूल्हे को समझ आया कि उसकी होने वाली पत्नी को गोली लगी है। वो कुर्सी पर बैठा और आरती को उठाने लगा। लड़की वालों ने भागकर आरती को गोद में उठाया। कोई पानी ला रहा था, कोई दूल्हे को संभाल रहा था। शादी का पूरा उत्सव कुछ ही मिनटों में अस्पताल की दौड़ में बदल गया। मल्लाह टोला से सदर अस्पताल तक जाते वक्त आरती बार-बार होश खोती-पाती रही, लेकिन उसके मुंह से सिर्फ एक ही वाक्य निकलता रहा था, दीनबंधु ने गोली मारी है…दीनबंधु ने… डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखकर घायल को तत्काल वाराणसी रेफर कर दिया। वहां उसका ऑपरेशन किया गया। वह ICU में जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है। फिलहाल, आरती को होश नहीं आया है। बारात लौट गई- दूल्हा बोला हमें कुछ पता नहीं था घटना के तुरंत बाद दूल्हा और उसका पूरा परिवार घबरा गया। लड़के वालों ने कहा, अब ये शादी नहीं हो सकती है। दुल्हे ने कहा, हमें किसी अफेयर के बारे में जानकारी नहीं थी। इस हालात में शादी नहीं कर सकते हैं। कुछ ही देर में पूरी बारात लौट गई। लड़की वाले गिड़गिड़ाते रहे, बारात रोकने की कोशिश की, लेकिन वो लोग अपने घर लौट गए। जिस घर में सुबह विदाई के गीत गूंजने थे, वहां रात 12 बजे सिर्फ रोने की आवाजें सुनाई दे रही थी। मैंने कर्ज लेकर बेटी की शादी की तैयारी की थी आरती के पिता फूट-फूटकर रोते हुए कहते हैं, मेरे पास पैसे नहीं थे। कर्ज लेकर पलंग, बक्सा, टीवी सब खरीदा था। विदाई का सामान पूरा हो चुका था, लेकिन दीनबंधु ने चंद सेकेंड में सब खत्म कर दिया। पिता ने आगे कहा, अगर मेरी बेटी बच भी गई तो उससे शादी कौन करेगा? मेरी बेटी अब कैसे जिएगी? यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू रुकते नहीं हैं। आरोपी के पिता ने कहा- हमें पता होता तो शादी करवा देते पुलिस ने आरोपी के पिता रमाशंकर चौधरी को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान पुलिस पूछताछ में उन्होंने कहा, लड़की का घर हमारे घर से 20 मीटर की दूरी पर है। लेकिन हमें पता नहीं था कि मेरा बेटा उससे इस तरह बेइंतहा प्रेम करता है। पता होता तो हाथ जोड़कर शादी करवा देते। ऐसी नौबत ही नहीं आती। किसी की बेटी आज अस्पताल में न होती। घटना के 20 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी दीनबंधु को कचहरी रोड से गिरफ्तार कर लिया है। उस पर हत्या के प्रयास और अवैध हथियार का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके घर को सील कर दिया है। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ की जा रही है।