लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित लाल बारादरी प्रकरण गरमाता ही जा रहा है। इसे बंद किए जाने के विरोध में बापसा, भाकपा माले और आइसा के छात्रों ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला है। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी आगे बढ़ रहे हैं। इनके समर्थन में मुस्लिम समाज के लोग भी आ गए हैं। सभी प्रदर्शनकारी पहले परिवर्तन चौक पर जुटे। पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। पुलिस से उनकी नोकझोंक हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का अड्डा बना है। सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए। मार्च की अगुवाई कर रहे तौकील गाजी का कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाल बारादरी पर ताला लगा दिया है। इसके खिलाफ हम लोगों ने विश्वविद्यालय में लगातार 2 दिन तक धरना दिया। विश्वविद्यालय प्रॉक्टर ने बातचीत करके 2 दिनों का समय मांगा था, लेकिन वह बीत गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ताला खोलने को लेकर कोई नोटिस नहीं जारी किया गया। न ही दोबारा कोई बातचीत की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 25 फरवरी को नोटिस जारी करके परिसर में किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों पर रोक लगा दिया है। देखिए 5 तस्वीरें… पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…