सोनभद्र में ट्रांस्फार्मर बदलते समय लाइनमैन की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसे पहले 11 हजार वोल्ट से जोरदार झटका लगा। इसके बाद शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। इसी की चपेट में आकर बिजलीकर्मी जिंदा जल गया। वहां मौजूद हेल्पर ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक उनका शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लाइनमैन खंभे पर चढ़कर नया ट्रांसफार्मर लगा रहा था। आरोप है कि काम शुरू करने से पहले उन्होंने विभाग से शटडाउन करवाया था। लेकिन काम के दौरान 11 हजार वोल्ट की सप्लाई चालू कर दी गई। तेज करंट लगने से वह झुलस गए। मामला घोरावल थाना के लोहोटा गांव का है। 2 तस्वीरें देखिए – अब पूरा घटनाक्रम पढ़िए… बिसहार गांव के रहने वाले संतोष कुमार (40) बिजली विभाग में संविदा पर लाइनमैन के रूप में काम कर रहे थे। संतोष अपनी पत्नी बिंदु (35) और दो बेटों आदर्श (15) और शिवम (18) के साथ रहता था। संतोष गुरुवार को लोहोटा गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाने गए थे। शाम करीब 7 बजे वह लोहोटा गांव में पहुंचे। सहकर्मियों ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा के सभी मानक अपनाए थे। पोल पर चढ़कर काम शुरू करने लगे। इससे पहले उन्होंने बिजली घर पर सूचना दी थी। उन्होंने शटडाउन भी मांगा था। ताकि काम के दौरान करंट न आए। जब संतोष खंभे पर चढ़कर ट्रांसफार्मर लगा रहे थे, इसी दौरान अचानक बिना किसी सूचना के 11 हजार की हाई-वोल्टेज सप्लाई चालू कर दी गई। संतोष को बिजली का जोरदार झटका लगा। इसके बाद वह खंभे से ही चिपक गए और शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई। संतोष कंभे पर ही बुरी तरह से जलने लगे। मौके पर मौजूद हेल्पर मटरूलाल ने तत्काल विभाग को फोन कर शटडाउन करने के लिए कहा। खंभे पर चढ़कर आग बुझाई, साथ ही संतोष को बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक संतोष बुरी तरह जल चुके थे। हेल्पर उन्हें जिला अस्पताल लेकर गया, जहां से बनारस ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां रास्ते में ही संतोष ने दम तोड़ दिया। हेल्पर मटरूलाल ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया कि जब लाइनमैन ऊपर काम कर रहा था और विभाग को इसकी जानकारी थी, तो बिजली की आपूर्ति किसके आदेश पर और क्यों बहाल की गई। खबर अपडेट की जा रही है…