पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में पकड़ी गई यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है। जस्टिस सूर्यप्रताप सिंह की कोर्ट में ज्योति की जमानत का केस चल रहा है। 19 फरवरी को मामले में हाईकोर्ट ने केस के जांच अधिकारी को तलब किया था और अब तक की जांच रिपोर्ट की डिटेल मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 27 फरवरी की तारीख तय कर दी थी। ज्योति के वकील रविंद्र सिंह ढुल ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा ने किसी तरह की कोई भी देश विरोधी चीजें पाकिस्तान नहीं भेजी हैं। पुलिस ने बिना किसी आधार के एफआईआर दर्ज की है। सीक्रेट एक्ट लगाते समय यूनियन होम मिनिस्टर कम्पीटेंट अथॉरिटी की कंप्लेंट होनी जरूरी है, मगर ज्योति के केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इससे पहले निचली अदालत ज्योति की जमानय याचिका को खारिज कर चुकी है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद गिरफ्तार बता दें कि हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में 15 मई को गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में एक के बाद एक जासूस पकड़े गए थे। ज्योति पर पाक एजेंटों को सूचनाएं देने का आरोप लगा है। ज्योति की गिरफ्तारी दिल्ली में पाक हाईकमीशन के सदस्य रहे दानिश की कॉल डिटेल सामने आने के बाद हुई। ज्योति हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी में रहती है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक बढ़ा ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई, जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई, तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।