शिमला जिले के रामपुर में जिला स्तरीय फाग मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर शुक्रवार को एक समीक्षा बैठक हुई। बता दे कि यह बैठक नगर परिषद कार्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने की। बैठक में पुलिस, जल शक्ति, विद्युत विभाग, नगर परिषद, देव समाज, व्यापार मंडल, लोक संपर्क विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जानकारी दी गई कि जिला स्तरीय फाग मेला 5 मार्च से 8 मार्च तक ऐतिहासिक राज दरबार रामपुर में आयोजित किया जाएगा। प्लॉटों का आवंटन 2 मार्च को मेले में दुकानें लगाने के लिए प्लॉटों का आवंटन 2 मार्च को किया जाएगा। मेले के दौरान विभिन्न देवी-देवताओं के साथ आए देवालु चारों दिन पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। उत्कृष्ट पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करने वाले देवालुओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
21 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया नगर परिषद रामपुर द्वारा मेले में आमंत्रित सभी देवी-देवताओं को नज़राना प्रदान किया जाएगा। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 5 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। फाग मेले के लिए शिमला और कुल्लू जिलों से कुल 21 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित देवी-देवताओं में देवता साहिब जाख रचोली, दत्त महाराज बसारू, महाराज काजल गसो, छट्टू कीम, यशेश्वर शिंगला, परशुराम डंसा, माता काली मंदिर सुधार सभा लालसा, झाखरू नाग मंदिर कमेटी शनैरी, देवी दुर्गा वाड़ी, झाखरू नाग मंदिर कमेटी धारा सरगा, पल्थान देलठ, नरसिंह सूमा, मंगलेश्वर देवनगर सहित अन्य शामिल हैं। ठहरने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित सभी देवी-देवताओं और उनके साथ आने वाले देवालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेले का शुभारम्भ 5 मार्च को प्रातः 11 बजे देवी-देवताओं के आगमन के साथ होगा तथा समापन 8 मार्च को उनकी विदाई के साथ किया जाएगा। सभी तैयारियां पूरी एसडीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था तथा अग्नि सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों एवं बाहरी क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेले को सफल बनाने के निर्देश दिए।