अंबाला कैंट स्थित नागरिक अस्पताल में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल परिसर किसी रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। ओपीडी के बाहर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में न केवल लात-घूंसे चले, बल्कि कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस मारपीट में जहां दो नर्सिंग ऑफिसर और एक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, वहीं दूसरी ओर नर्सिंग छात्रा और उसकी मां ने भी गंभीर चोटें आने और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। विवाद की जड़ गुरुवार को हुई एक मामूली बहस से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्राइवेट वार्ड में दवा लेने को लेकर ट्रेनिंग पर आई नर्सिंग छात्रा निशा और नर्सिंग ऑफिसर मनप्रीत के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इस मामले के निपटारे और जांच के लिए शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय बुलाया था। लेकिन सुलह होने के बजाय ओपीडी के पास पहुंचते ही दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप अस्पताल परिसर में हुई इस भिड़ंत के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संगीन आरोप लगाए। नर्सिंग ऑफिसर मनप्रीत, मीनाक्षी और सिक्योरिटी गार्ड जसप्रीत का कहना है कि छात्रा और उसकी मां ने उन पर हमला किया और ड्यूटी ड्रेस फाड़ दी। वहीं, शाहाबाद निवासी छात्रा निशा और उसकी मां सुनीता का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और बदसलूकी की। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना मारपीट की यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झगड़ा किसने शुरू किया। पीएमओ कार्यालय में फिर मचा हंगामा हंगामा उस समय और बढ़ गया जब छात्रा और उसकी मां मेडिकल करवाने के बाद दोबारा पीएमओ कार्यालय पहुंचीं। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पीएमओ ने मुख्य दरवाजे की कुंडी लगाकर खुद को और अन्य स्टाफ को अंदर सुरक्षित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस जांच जारी अंबाला कैंट थाना पुलिस ने बताया कि छात्राओं के बीच शुरू हुआ आपसी विवाद शुक्रवार को हिंसक रूप ले गया। दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।