‘अमेरिका, इजराइल जैसे देशों में सुपर पावर बनने की होड़ है। ट्रंप ने हमारे देश के प्रधानमंत्री को भी धमकी दी थी। कहा था कि करियर खत्म कर देंगे। टैरिफ लेकर रहेंगे। ट्रंप यह समझ ले कि यह भारत है। बात अगर देश की मिट्टी पर आई तो यहां का एक-एक नौजवान मुंहतोड़ जवाब देने पर लिए तैयार हो जाएगा। यहां के युवा के लिए देश से बड़ा कुछ भी नहीं है।’ यह बात आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को मेरठ में कही। इससे पहले उन्होंने किदवई नगर के अग्निकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। कहा कि हम हरसंभव मदद करेंगे। सरकार को 5 करोड़ का मुआवजा पीड़ित परिवार को देना चाहिए। चंद्रशेखर करीब 1 घंटे तक किदवई नगर में रुके। दरअसल, 23 फरवरी की शाम यहां रहने वाले इकबाल अहमद के घर में अचानक आग लग गई थी। इसमें उनकी एक पुत्रवधू रुखसार के अलावा 5 बच्चों की मौत हो गई थी। चंद्रशेखर बोले- अमेरिका तानाशाही पर आमादा
चंद्रशेखर दोपहर 12.35 बजे किदवई नगर पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका तानाशाही पर आमादा है। कभी किसी देश के राष्ट्रपति को उठा लाते हैं, तो कभी किसी देश को धमकाते हैं। ईरान इनकी धमकियों के आगे झुका नहीं, इसलिए हमला किया। लेकिन, भारत के साथ यह गलती न करे। फिलिस्तीन, ईरान पर हमला कर अमेरिका यह न समझ ले कि भारत दब जाएगा। हमारे राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। मगर हम देशभक्त हैं। हमारी मिट्टी पर आंच आई तो हम तैयार हैं। किसी भी राष्ट्र को चाहे वह अमेरिका हो, चीन हो, पाकिस्तान हो, इजराइल हो किसी को भी यह गलतफहमी हो कि वह हमें कुचल देगा। किसी ने भी हमारी मिट्टी या देश की तरफ आंख उठाकर देखा तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे। ऐसा हाल करेंगे कि लोग याद रखेंगे। भारत की मिट्टी में वो बल है कि उन्हें छिपने के लिए जगह नहीं मिलेगी। हमारे लिए देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। हम देश के लिए हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। हमारा देश कमजोर नहीं है। अमेरिका और इजराइल अपनी हद में रहें। ये मेरी चेतावनी है। ये वही भारत है जिसने अंग्रेजों को खदेड़ दिया था। उन्होंने गंगानगर के आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में मुस्लिम छात्रों से की गई मारपीट मामले में कहा कि इसमें कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए, न कि मामले को दबाने का प्रयास करना चाहिए। मुस्लिम छात्रों के साथ मारपीट का यह पहला मामला नहीं है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। अग्निकांड पीड़ितों को 5 करोड़ रुपए का मुआवजा दे सरकार
इससे पहले चंद्रशेखर अग्निकांड के पीड़ित इकबाल अहमद से मिले। उन्हें गले लगाकर सांत्वना दी। फिर वह इकबाल अहमद के बेटे से मिले। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 6 महीने के दोनों बच्चे हों या चार साल के मासूम, उनके फोटो देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस परिवार के दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुझे जानकारी मिली कि इस परिवार ने इतना बड़ा नुकसान होने के बावजूद किसी भी तरह की मदद लेने से मना कर दिया। सरकार को चाहिए कि वह खुद आगे आकर आर्थिक मदद करे। कम से कम 5 करोड़ रुपए का मुआवजा इस परिवार को दे। मैं खुद सरकार से इसकी करूंगा। जल्द से जल्द जांच पूरी कराए प्रशासन
घरवालों ने बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद को बताया कि हादसे को एक सप्ताह हो चुका है। सभी बेघर हैं। हादसे वाले दिन अफसरों ने जांच कमेटी बनाकर भेजने की बात कही थी। यह कहा था कि तब तक कोई भी घर में प्रवेश नहीं करेगा। लेकिन, एक सप्ताह बाद भी कोई कमेटी यहां नहीं आई है। प्रशासन इस परिवार का दुख समझे और जांच पूरी कर जल्द से जल्द घर परिवार को सौंप दें। ………………… ये खबर भी पढ़ें-
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