होली और रमजान पर्व एक साथ पड़ने के कारण बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी विनय कुमार ने एक संयुक्त बैठक की। इसमें सभी जिलों के डीएम और एसपी को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य भर में 30 हजार से अधिक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी जिलों में दंगा निरोधी दल (रायट कंट्रोल टीम) और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों के खिलाफ लगातार निवारक कार्रवाई की जा रही है। अबतक लगभग 13 हजार असामाजिक तत्वों से बॉन्ड भरवाया गया है। इसके अतिरिक्त, 30 हजार से अधिक लोगों के खिलाफ एसडीओ कोर्ट में निवारक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। हिंसक गतिविधि करने पर होगी कानूनी कार्रवाई डीजीपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने ग्रामीण क्षेत्रों के मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्यों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखें। किसी भी अफवाह, तनाव या हिंसक गतिविधि की आशंका होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित करें। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर, मॉनिटरिंग जारी त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर साइबर सेल की विशेष नजर रहेगी। जिलों में फ्लैग मार्च और शांति समिति की बैठकों के माध्यम से आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। डीजीपी ने दो टूक कहा कि राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बिहार पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।