रोहतास जिले के डेहरी स्थित एनी कट महादेव मंदिर में महिलाओं ने महादेव के साथ अनोखे अंदाज में होली खेली। फागुन के खुमार के बीच दादी से लेकर युवतियों तक ने पारंपरिक गीतों पर जमकर ठुमके लगाए। इस दौरान भक्ति और रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में आयोजित होली मिलन समारोह में सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचने लगीं। सबसे पहले विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव को अबीर-गुलाल अर्पित किया गया। इसके बाद फाग और कजरी के गीतों पर पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा, जहां ‘फागुन आयो रे’ जैसे गीतों पर महिलाएं झूमती नजर आईं। सांस्कृतिक परंपरा को सहेजने का संदेश दिया
स्थानीय महिला सुनीता यादव ने बताया कि हर वर्ष यहां होली मिलन होता है, लेकिन इस बार विशेष रूप से महिलाओं ने महादेव के संग होली खेलकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को सहेजने का संदेश दिया है। सरोज अग्रवाल ने कहा कि होली सादगी और मर्यादा के साथ मनाई जानी चाहिए। वहीं, गंगा कुमारी और खुशबू कुमारी ने अश्लील गीतों और हुड़दंग से दूर रहकर पारंपरिक तरीके से पर्व मनाने की अपील की। महिलाओं की इस पहल ने स्पष्ट संदेश दिया कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और आस्था का पर्व है। फागुन की बयार में महादेव के आंगन से उठी भक्ति की यह गूंज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।