ईरान-अमेरिका युद्ध से यूपी के 25 लाख लोग फंसे:होली में भी घर नहीं आ पाएंगे, जानिए क्यों खाड़ी देश जाते हैं युवा

गोंडा के 27 साल के दिनेश वर्मा इन दिनों दुबई में फंसे हैं। 1 मार्च को उनका मुंबई आने का टिकट था, लेकिन क्षेत्र में जारी बमबारी के कारण एयरपोर्ट बंद हो गया। वे भारत नहीं लौट पाए। दुबई में कुक का काम करने वाले दिनेश को वापस उनके कमरे पर भेज दिया गया। वे होली और अपने भांजे विनोद वर्मा की 11 मार्च को बस्ती में होने वाली शादी में शामिल नहीं हो सकेंगे। दिनेश का कहना है कि वे करीब 150 लोगों के साथ एक ही कमरे में रह रहे हैं। हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। उन्होंने प्रशासन और भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। दिनेश की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की परेशानी नहीं है। यह उन 25 लाख प्रवासी कामगारों की हकीकत है, जो रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करते हैं। ऐसे में बड़े सवाल खड़े होते हैं कि आखिर यूपी के कितने लोग खाड़ी देशों में रहते हैं? इजराइल में यूपी के कितने नागरिक काम कर रहे? खाड़ी देश यूपी के युवाओं को क्यों आकर्षित करते हैं? सबसे ज्यादा नौकरियां किन देशों में हैं? लोग किन क्षेत्रों में काम करते हैं? औसत सैलरी कितनी मिलती है? भास्कर एक्सप्लेनर में सारे सवालों के जवाब जानिए… यूपी के कितने लोग खाड़ी देशों में रहते हैं? खाड़ी देशों में काम करने वाले यूपी के लोगों की संख्या को लेकर अक्सर दो अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं। एक आधिकारिक और दूसरा अनुमानित। 2019 की एक रिपोर्ट विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट सिस्टम के मुताबिक, साल 2018 में प्रदेश से 86,273 लोग खाड़ी देशों में काम करने गए थे। यह संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने ‘Emigration Check Required (ECR)’ श्रेणी के तहत विदेश जाने की अनुमति ली। इसमें मुख्य रूप से ब्लू-कॉलर और श्रमिक वर्ग शामिल होता है। एक अनुमान के मुताबिक, यूपी के 20 से 25 लाख लोग खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। इजराइल में यूपी के कितने नागरिक काम कर रहे? यूपी सरकार ने 1 मार्च, 2026 को बताया कि इजराइल में काम कर रहे प्रदेश के सभी निर्माण श्रमिक फिलहाल अपने-अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षित हैं। नियमित रूप से काम कर रहे हैं। इजराइल-ईरान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए है। सरकार के अनुसार, इस समय प्रदेश के कुल 6,004 निर्माण श्रमिक इजराइल में अलग-अलग परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। इन श्रमिकों का चयन साल-2024 के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और इजराइल की सरकारी एजेंसी पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी (PIBA) के जरिए किया गया था। खाड़ी देश यूपी के युवाओं को क्यों आकर्षित करते हैं? डीडीयू गोरखपुर के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर और HOD अनुराग द्विवेदी के अनुसार, पूर्वांचल के हजारों युवा हर साल रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों का रुख करते हैं। बेहतर वेतन, तेजी से मिलने वाला रोजगार और सीमित शैक्षिक योग्यता में भी काम के अवसर जैसे कुछ प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से खाड़ी देश यूपी के युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। अनुराग बताते हैं- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत और ओमान जैसे देशों में निर्माण, तेल-गैस, सुरक्षा, ड्राइविंग, होटल और घरेलू कामकाज के क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिकों की मांग रहती है। प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिमी जिलों से बड़ी संख्या में युवा इन सेक्टरों में काम करने जाते हैं। भारत में समान काम के मुकाबले खाड़ी देशों में मजदूरी कई गुना अधिक मिलती है। साथ ही, टैक्स व्यवस्था अपेक्षाकृत सरल होने से बचत की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि कई परिवारों के लिए विदेश जाना आर्थिक स्थिति सुधारने का बड़ा साधन बन गया है। खाड़ी देशों में कई ऐसे कार्य क्षेत्र हैं, जिनमें उच्च शैक्षिक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती। सीमित पढ़ाई वाले युवाओं को भी रोजगार मिल जाता है। यह उन्हें घरेलू बेरोजगारी से बाहर निकलने का रास्ता देता है। सबसे ज्यादा नौकरियां किन देशों में हैं? खाड़ी देशों में काम करने वालों की औसत सैलरी कितनी? डीडीयू गोरखपुर के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप दीक्षित के अनुसार, मानव विकास के मामले में भारत की स्थिति बेहतर है। लेकिन, हेल्थ, आईटी और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में खाड़ी देश तेजी से आगे बढ़े हैं। यही वजह है कि इन सेक्टरों में भारतीयों, खासकर यूपी के युवाओं की मांग लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में बढ़ई, ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य सेमी-स्किल्ड कामगारों के लिए अच्छे अवसर हैं। वहां इनकम टैक्स नहीं होने और तुलनात्मक रूप से अधिक वेतन मिलने से बचत की संभावना बढ़ जाती है। स्किल्ड और अनस्किल्ड, दोनों तरह के कामगारों की मांग बनी रहती है। प्रो. दीक्षित के अनुसार (सैलरी के औसत अनुमानित आंकड़े): पहले कब आया था इस तरह का संकट? कितने भारतीय गल्फ में काम करते हैं? गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों में भारतीयों की बड़ी आबादी रहती है। ये देश भारत के लिए रोजगार, एयर कनेक्टिविटी और फॉरेन करेंसी के लिहाज से बेहद अहम हैं। आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सबसे ज्यादा 43. 26 लाख भारतीय रहते हैं। इसके बाद सऊदी अरब में 27.47 लाख, कुवैत में 10.36 लाख, कतर में 8.30 लाख, ओमान में 6.76 लाख और बहरीन में 3.17 लाख भारतीय रहते हैं। इस तरह GCC देशों में कुल मिलाकर लगभग 9934024 यानी करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं। खाड़ी देशों की बात करें तो सऊदी अरब भारतीयों की आबादी के मामले में दूसरे स्थान पर है। सऊदी की करीब 3.5 करोड़ जनसंख्या है। वहां भारतीयों की जनसंख्या 28 से 30 लाख के बीच है । ई-एमिग्रेट पोर्टल के जरिए जारी इमीग्रेशन क्लीयरेंस के आंकड़े बताते हैं कि 2023 में GCC देशों के लिए कुल 39,8,316 इमीग्रेशन क्लीयरेंस जारी किए गए। यह औसतन करीब 1091 लोगों प्रतिदिन के बराबर है, जो मुख्य रूप से ब्लू-कॉलर वर्कर्स होते हैं। 2023 में सऊदी अरब के लिए 2,00,713, UAE के लिए 71,687, कुवैत के लिए 48,212, कतर के लिए 30,683, ओमान के लिए 21,336 और बहरीन के लिए 7,376 क्लीयरेंस जारी किए गए। इमिग्रेशन के मामले में नंबर वन पर भारत UNFPA 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत की जनसंख्या करीब 1.4286 बिलियन है। इसके साथ ही भारत इमिग्रेशन के मामले में भी नंबर एक पर है। बहुत बड़ी तादाद में भारतीय समुदाय के लोग दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं। UN वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2024 के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल माइग्रेंटस का केंद्र भारत ही है। यह संख्या करीब 18 मिलियन है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, मई 2024 तक, विदेशों में रहने वाले भारतीयों की संख्या करीब 35.42 मिलियन थी। इनमें करीब 15.85 मिलियन NRI और 19.57 मिलियन PIOs (भारतीय मूल के व्यक्ति) हैं। बात अगर देशों के अनुसार (मई 2024 तक) करें तो अमेरिका में सबसे ज्यादा भारतीय लोग रहते हैं। यह आंकड़ा करीब 5.4 मिलियन है, जो अमेरिका की जनसंख्या (345 मिलियन) का 1.6% है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… EX मुस्लिम यूट्यूबर को चाकू मारने वाला एनकाउंटर में ढेर, इंस्पेक्टर बाल-बाल बचे, 2 पुलिसवालों को लगी गोली गाजियाबाद में रविवार रात यूट्यूबर सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारने वाला बदमाश एनकाउंटर में ढेर हो गया। लोनी थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए, उनके बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी है। जबकि अन्य 2 पुलिसवालों को भी गोली लगी है। पढ़िए पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *