बिहार में 40 फीसदी तक चिकन के दाम गिरे:बर्ड फ्लू इंपैक्ट, दुकानदार बोले-डेढ़ सौ वाला मुर्गा 108 में बेच रहे, खरीदार ही नहीं हैं

पहले 13-14 क्विंटल माल मंगवाते थे, अब 9-10 क्विंटल आ रहा है। रेट पर भी असर पड़ा है। पहले 135 रुपए प्रति किलो मुर्गा बेचते थे, आज 115 हो गया। बर्ड फ्लू के चलते मार्केट पर असर पड़ा है। – संजय जायसवाल, पोल्ट्री फार्म संचालक, भोजपुर मुर्गों की डिमांड पहले की अपेक्षा अभी कम है। पहले दो ढाई क्विंटल सेल करते थे, लेकिन अब 1क्विंटल बेच रहे हैं। मुर्गियों में कोई रोग नहीं है.. ये सिर्फ अफवाह है। – मुल्लू कुरैशी, बिहिया, भोजपुर ये दो बयान बिहार में बर्ड फ्लू की दहशत को बयां कर रहे हैं। यहां पटना और गयाजी में 10 हजार से ज्यादा मुर्गों में बर्ड-फ्लू मिलने के बाद लोग डरे हुए हैं। होली में चिकन की डिमांड रहती है। इस दौरान कीमतों में भी उछाल आता है, लेकिन इस बार बर्ड फ्लू के डर से मार्केट डाउन है। प्रदेश के कई जिलों में कौओं और मुर्गियों की मरने की खबर के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। दैनिक भास्कर ने बिहार के कई जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पोल्ट्री फार्मों और चिकन दुकानों की पड़ताल की। होली पर किस तरह चिकन की बिक्री पर असर पड़ा है? बर्ड फ्लू क्या है, इसके लक्षण और संक्रमित चिकन को लेकर पूरे प्रदेश में लोगों में कितना डर है? भोजपुर में मुर्गों की डिमांड में भारी गिरावट दैनिक भास्कर ने बिहार में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पटना, सीतामढ़ी, भोजुपर, कैमूर, कटिहार और दरभंगा समेत 11 जिलों में चिकन की डिमांड और सप्लाई को चेक किया। सबसे पहले हमने भोजपुर का बाजार देखा। यहां बिहिया मीट मार्केट में असर साफ दिख रहा है। बिहिया के चिकन मार्केट में एक सप्ताह पहले तक 1 क्विंवटल मुर्गियों की डिमांड थी, लेकिन अब 30-40 किलो तक बिक्री कम हो गई। बाजार में करीब 35 मुर्गा दुकानों पर टीम पहुंची। अधिकतर दुकानों पर दुकानदार तो मौजूद थे, लेकिन ग्राहक नहीं के बराबर थे। दुकानदार मुन्ना, पप्पू बताते हैं कि पहले 160 रुपए प्रति किलो चिकन बिक रहा था, लेकिन बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए रेट 130 से 140 में बेच रहे हैं। डर के कारण डिमांड ही बहुत घट गई है। होली पर तो बिक्री काफी बढ़ जाती थी, लेकिन इस बार लोग बहुत कम आ रहे हैं।’ वहीं बाजार के एक अन्य दुकानदार संजीव जयसवाल कहते हैं, ‘प्रशासन ने अपने स्तर से अलर्ट जारी किया है, इसका भी लोगों में डर है। अगर यही हाल बना रहा तो होली पर भी लोग चिकन खरीदने नहीं आएंगे। प्रशासन को जल्दी से जांच करवाकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि हर जिले में बर्ड फ्लू नहीं है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कारोबार बहुत प्रभावित होगा।’ अब जानिए कैमूर, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के बाजार का हाल कैमूर जिले के भभुआ शहर की मुर्गा मंडी में चिकन की बिक्री में भारी गिरावट आई है। दुकानदार ग्राहकों की कमी से परेशान हैं। शहर के देवी जी रोड स्थित मुर्गा मंडी में दैनिक भास्कर टीम पहुंची। यहां दुकानदार विनोद कुमार ने बताया, ‘बर्ड फ्लू के वायरस मिलने की चर्चा के बाद से ही लोगों में डर का माहौल है। कैमूर जिले में पहले यहां 170-180 रुपए किलो मुर्गा बिक रहा था, लेकिन अब हम 150 रुपए में बेचने को तैयार हैं, फिर भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। मंडी में एक तरह से डर का सन्नाटा दिखाई दे रहा है। पूरा नॉनवेज कारोबार प्रभावित है। कितनी भी साफ-सफाई करके हम चिकन बेचें फिर भी ग्राहक खरीदने से बच रहे हैं।’ एक अन्य दुकानदार अजीत कुमार ने बताया, ‘बिक्री इतनी कम हो गई है कि हमारे पास रखे कुछ मुर्गों की मौत हो गई है। डर है कि अगर ज्यादा मुर्गे रखें तो वे भी मर सकते हैं। इससे और भी काम खराब हो जाएगा। इसलिए ज्यादा मुर्गे ला ही नहीं रहे हैं। त्योहार के दिनों में सारा व्यापार चौपट हो गया है।’ चिकन की बिक्री को लेकर ऐसा ही हाल सीतामढ़ी, सुपौल और गया में भी दिखाई दिया। रिटेल दुकानदार से बात करने के बाद हम पोल्ट्री फार्म भी पहुंचे। यहां के मालिक अम्मू खान ने बताया कि इस साल उन्हें काफी नुकसान हुआ है। मुर्गों का उचित दाम नहीं मिल रहा है और होली पर भी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है। उनका कहना है कि इस दौरान थोक में 150 रुपए तक मुर्गा बिकने लगता था। इस बार 108 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बेच रहे हैं, जिससे भारी घाटा हो रहा है। पटना, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय में डिमांड कम पर दाम बढ़े मुजफ्फरपुर जिले के औराई ब्लॉक में ग्राहक खरीदारी से पहले पूछताछ और सतर्कता बरत रहे हैं। औराई मुख्य चौक, मकसूदपुर चौक, पाकर चौक रामपुर बाजार और आसपास के इलाकों में मीट दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ कम है। औराई के दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन या पशुपालन विभाग की ओर से बिक्री रोकने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। मुजफ्फरपुर में एक सप्ताह पहले 160 रुपए किलो चिकन बिक रहा था, लेकिन होली पर रेट थोड़ा बढ़ा है। अब 170 रुपए में सेल किया जा रहा है। हालांकि बर्ड फ्लू के चलते डिमांड थोड़ी कम हुई है। पटना का चिकन मार्केट टाइट पटना में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद कंकड़बाग, जू, हाईकोर्ट समेत कई एरिया में करीब 6000 मुर्गियों को मारा गया था। प्रशासन ने इन इलाकों को संवेदनशील घोषित कर दवा का छिड़काव भी कराया। लेकिन इसके बाद भी यहां चिकन मार्केट ठीक चल रहा है। दो तीन दिन पहले तक हाई अलर्ट था, लेकिन अब चीजें सामान्य हो रही हैं। यही कारण है कि देसी मुर्गा एक सप्ताह पहले 300 रुपए में बिक रहा था। वहीं अब 350 रुपए किलो के हिसाब से सेल किया जा रहा है। फार्म मुर्गा पहले 150 रुपए किलो बिक रहा था, जो अब होली के कारण 160 से 170 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। पटना से भोपाल भेजे गए थे सैंपल बिहार में पटना, गया, दरभंगा, नवादा, सीतामढ़ी समेत 13 जिलों में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि होने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। इन जिलों में कौवों और मुर्गियों की अचानक मौत के बाद पोल्ट्री फार्म के सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे। डेयरी एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा सैंपल भोपाल भेजे गए थे, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित घोषित कर दिया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में दवा का छिड़काव भी किया गया। प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। बिहार में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने नई एडवाइजरी जारी की है। 7 मार्च तक बंद रहेगा पटना जू बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पटना जू को 7 मार्च तक बंद कर दिया गया है। पटना जू में पक्षी वार्ड को सैनिटाइज किया जा रहा है और डॉक्टरों की एक टीम पक्षियों की सेहत की देखरेख कर रही है। हालात को देखते हुए पटना जू को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। जू को सैनेटाइज किया जा रहा है। क्या है बर्ड फ्लू? बर्ड फ्लू, आम भाषा में एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है, पक्षियों में होने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है। यह मुख्य रूप से जंगली बत्तखों और गीज जैसे जलपक्षियों में पाया जाता है। लेकिन जब यह वायरस H5N1 जैसे घातक रूप में बदलता है, तो यह मुर्गीपालन (पोल्ट्री) और कभी-कभी इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। कैसे फैलता है बर्ड फ्लू? इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है। अगर कोई व्यक्ति बीमार पक्षी को छूता है, पक्षी की लार, नाक का स्राव या उनकी बीट के संपर्क में आता है तो वो संक्रमित हो सकता है। इसके साथ ही संक्रमित पक्षियों के पंख फड़फड़ाने या छींकने से वायरस के महीन कण हवा में मिल जाते हैं, जो सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं। अगर कोई इंसान बर्ड फ्लू से संक्रमित होता है, तो उसमें तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नजर आते हैं।

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