बिहार में राज्यसभा की 5वीं सीट पर बढ़ी खींचतान:खरीद–फरोख्त रोकने के लिए NDA करा रहा दस्तखत, लालू ने शपथपत्र लिया, कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ीं

बिहार की सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच होली में भी सीक्रेट मीटिंग का दौर जारी है। 5 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव में JDU और BJP की दो-दो सीटें लगभग तय हैं, लेकिन 5वीं सीट ने सबकी धड़कनें बढ़ा दी है। मौजूदा समय में ये सीट उपेंद्र कुशवाहा के पास है। सियासी गलियारों में चल रही चर्चा की मानें तो भाजपा की तरफ से उन्हें अपनी सीट बचाने के लिए मर्जर तक का ऑफर दिया गया है, लेकिन वे इस बात के लिए तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि फिलहला वे पटना से दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। इधर, राजद ने भी अपना कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर दिया है। अगर राजद अपना कैंडिडेट उतारता है तो चुनाव तय है। अगर चुनाव होता है तो टूट-फूट से लेकर हॉर्स ट्रेडिंग भी होना तय है। इसके लिए दोनों गठबंधन अपने–अपने विधायकों से शपथ पत्र ले रहे हैं। ऐसे में आइए समझते हैं कि टूट से बचने के लिए पार्टियों की रणनीति क्या है। सत्ताधारी पार्टी क्या कर रही है और विपक्षी पार्टियों की क्या रणनीति है…। NDA एकजुट रहे इसके लिए विधायक ही प्रस्तावक होंगे NDA ने किसी भी टूट की आशंका को देखते हुए अपने विधायकों को ही प्रस्तावक बना दिया है। ये फैसला विधानसभा सत्र के दौरान ही ले लिया गया है। इसके लिए विधायकों से उनका लिखित सर्मथन भी ले लिया है। NDA के सभी 202 विधायक NDA प्रत्याशियों के प्रस्तावक होंगे। 10-10 के सेट में प्रस्तावक की सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए विधायकों से 10-10 के सेट वाली कॉपी पर हस्ताक्षर लिया जा रहा है। इसके अलावा हर विधायक से दो-दो पेज पर साइन कराया गया है। RJD ने विधायकों से लिया लिखित समर्थन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को संसदीय दल की बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए कैंडिडेट उतारने के संबंध में चर्चा की। इस पूरे चुनाव के सभी अहम फैसले के लिए यहां लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को अथॉरिटी दी गई है। तेजस्वी ने पहले ही इस बात की घोषणा कर दी है कि राजद अपना कैंडिडेट उतारेगा। ऐसे में अगर पूरा महागठबंधन (RJD-25, CONG-6, IIP-1, लेफ्ट-3 ) उन्हें अपना समर्थन दे भी देता है तो BSP की एक और AIMIM के 5 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। उपेंद्र सबसे मुश्किल में, चिराग निश्चिंत, मांझी बढ़ा रहे टेंशन अगर नंबर के लिहाज से देखें तो सभी 5 सीटें जीतने के लिए NDA को मात्र 3 और विधायकों की जरूरत है। BJP और JDU के दोनों विधायक चुने जाने के बाद भी NDA के पास 38 विधायक बचते हैं। फिलहाल ये सीट उपेंद्र कुशवाहा के पास है और वे दोबारा यहां जाना चाहते हैं। राज्यसभा में इन चेहरों की हो सकती है एंट्री

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