‘यहां बम गिर रहे हैं। तेज धमाके हो रहे हैं। घर में रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं। मैं जहां रहता हूं, वहां से महज 200 मीटर की दूरी पर मिसाइल गिरी और तेज धमाका हुआ। ब्लास्ट के बाद सभी लोग इधर-उधर भागने लगे। लगातार हमले से हमलोग दहशत में हैं। समझ नहीं आ रहा जान बचाने के लिए कहां जाएं। मोदी सरकार हमें यहां से तत्काल निकाले। हम अब यहां नहीं रहना चाहते हैं, अपने देश इंडिया आना चाहते हैं। अगर भारत में नौकरी मिल जाती तो हम यहां नहीं आते। बमबारी के बाद बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।’ ये बातें आबूधाबी में मुजफ्फरपुर के मो. सुसीम, साऊदी अरब में अररिया के कासिम और दुबई में फंसे अररिया के ही रहने वाले हाजी मो. तालिब सलाम ने कही हैं। जो नौकरी के लिए अपने देश से दूर गए हैं। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग का आज चौथा दिन है। ऐसी स्थिति में तीनों अपने परिवार से लगातार संपर्क में हैं। भास्कर ने तीनों के परिवार से बात कर वहां के हालातों को जाना। विदेश में किस हालात में रह रहे तीनों भारतीय, हमले के बीच दहशत, कैसी है इनकी मजबूरियां रिपोर्ट में पढ़िए…. सबसे पहले देखिए अबूधाबी से तस्वीरें… अब सिलसिलेबार पढ़िए विदेश में फंसे भारतीयों ने क्या कहा… परिवार की जिम्मेदारियों के कारण मुझे अपना देश छोड़ना पड़ा मुजफ्फरपुर मझौलिया के रहने वाले मो. सुसीम ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि मैं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबूधाबी में हूं। मुझे चिंता सता रही है कि मैं अपने देश कैसे जाऊं। मेरा परिवार मेरे संपर्क में है। मैं घर का सबसे बड़ा बेटा हूं। परिवार की जिम्मेदारियों के कारण खाड़ी देश में काम करने आया हूं। कौन अपना घर-परिवार छोड़कर परदेस जाना चाहता है? फिलहाल अबूधाबी में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। मैं ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहा हूं। अगर स्थिति सामान्य बनी रहती है तो मैं नौकरी जारी रखूंगा, लेकिन हालात बिगड़े तो वतन वापसी का फैसला लेना पड़ेगा। अलर्ट मैसेज के 4 मिनट बाद हुआ धमाका मुसीम के अनुसार, शनिवार रात 9 बजकर 5 मिनट पर मुझे मोबाइल पर मिसाइल हमले का अलर्ट मैसेज मिला। इसके ठीक 4 मिनट के बाद जोरदार धमाका हुआ। मैं जिस कैंप में रहता हूं, वहां 20 हजार भारतीय काम करते हैं। मैं वहां हफसन एरिया स्थित पेट्रोजेट कंपनी में पाइप फिटर का काम करता हूं। धमाके बाद हम भारतीय कारीगरों के बीच दहशत का माहौल है। समझ नहीं आ रहा कि क्या करे। कंपनी टिकट दे दे तो हम चले जाएंगे। घर के बाहर नहीं जा रहा अररिया के जोकीहाट पथराबाड़ी गांव के रहने वाले गुलनाज के भाई कासिम रियाद (साऊदी अरब) में हैं। हमले से वे भी काफी दहशत में हैं, पर जब वे परिवार से फोन पर बात कर रहे हैं तो सभी को धैर्य रखने के लिए बोल रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनका परिवार डरे नहीं। भाई गुलनाज के अनुसार कासिम ने अपने परिवार को फोन पर बताया है कि बम गिर रहे हैं। कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इस कारण थोड़ा दहशत का माहौल है। घर के बाहर हलचल है। मैं घर में ही रह रहा हूं। मैं अभी सुरक्षति हूं। कासिम से बात करके उनके परिवार को काफी राहत हुई है। विदेश में हमला, परिजनों के बीच डर का माहौल पीड़ितों के परिवार के अनुसार विदेश में अभी बहुत ज्यादा तनाव है। कभी भी हमला हो जाता है। जब सब कुछ शांत होता है तो अचानक कहीं से अफवाह फैलती है कि आज फिर से हमला होने वाला है। जिसके बाद डर और भी ज्यादा बढ़ जाता है। रात में पूरी नींद नहीं लेते, क्या पता कब मिसाइल गिर जाए। इसलिए हमेशा अलर्ट रहना पड़ता है। दूसरी तरफ जो लोग फंसे हैं, उनके बच्चे यहां अकेले पड़ गए हैं। उनके परिवार वाले हर समय टीवी देखते रह रहते हैं। टीवी में कहीं कोई हमले की जानकारी दी जाती है, तो घरवालों की धड़कनें तेज हो जाती है कि कहीं से ये हमला अपने परिवार के सदस्य तक न पहुंचे। दो दिन पहले से हालात बिगड़े अररिया के फारबिसगंज निवासी मोहम्मद मुमताज सलाम के भाई हाजी मोहम्मद तालिब सलाम दुबई में हैं। उन्होंने अपने परिवार को बताया है कि दो दिनों से स्थिति बिगड़ी गई थी। बमबारी की आवाजें सुनाई दे रही थी। कंपनियां कर्मचारियों को घरों में रहने के निर्देश दे रही थी। मैसेज से लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही थी। सोमवार को स्थिति सामान्य रही, कोई हताहत नहीं हुआ है। अभी बमबारी की आवाज नहीं आ रही। अबूधाबी में ईरान के हमले से एक भारतीय घायल अमेरिका-इजराइल का ईरान पर लगातार चौथें दिन भी हवाई हमला जारी है। इस बीच यूनाइटेड अरब अमीरात प्रशासन ने बताया कि अबूधाबी में ईरान के हमले से एक भारतीय घायल हो गया है। यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया है कि उन्हें भारतीय नागरिक के घायल होने की जानकारी है। वे भारतीय नागरिक के संपर्क में हैं, अभी वह खतरे से बाहर हैं। हम हरसंभव मदद कर रहे हैं। हमले के बाद सऊदी अरब की रिफाइनरी कंपनी बंद सऊदी अरब के सरकारी टीवी के मुताबिक, ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरामको कंपनी की रास तनूरा रिफाइनरी को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। यह रिफाइनरी दम्माम के पास स्थित है। पहले रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि दो ड्रोन को मार गिराया गया था, लेकिन उनके मलबे गिरने से तेल रिफाइनरी में आग लग गई।