गाजियाबाद के यूट्यूबर का गला रेतने वाले जीशान सैफी ने 15 दिन पहले प्लान कर लिया था कि सलीम वास्तिक को रास्ते से हटा देंगे। CCTV से सामने आया है कि लोनी के जिस घर में सलीम रहते थे, उसके आसपास जीशान और उसका बड़ा भाई गुलफाम देखे गए थे। अमरोहा के रहने वाले जीशान सैफी की निजी जिंदगी को थोड़ा खंगालने पर सामने आया कि जीशान ने 3 साल मदरसे में पढ़ाई की थी। 2021 में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद बड़े भाई गुलफाम के पास नोएडा चला गया था। वहीं रहकर छोटे-मोटे काम करने लगा। जीशान के पिता ने बताया कि जल्द ही उसकी शादी करवाने वाले थे। उससे पहले ही उसका एनकाउंटर हो गया। सलीम वास्तिक पर हमला करने से पहले जीशान 16 फरवरी को आखिरी बार सैदनंगली में अपने घर आया था। यहां वो अपने माता-पिता के साथ रुककर 17 फरवरी को वापस चला गया। इस बीच, दिल्ली के हॉस्पिटल में सलीम वास्तिक के 2 ऑपरेशन किए जा चुके हैं। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। दरअसल, दोनों भाइयों ने लोनी में यूट्यूबर पर दिनदहाड़े चाकू से 14 बार वार किया था। गला रेतने की कोशिश की थी। लहुलूहान करने के बाद अधमरा छोड़कर भाग निकले थे। इसके बाद वो कहां गए? उन्होंने क्या किया? वो किसके टच में रहे? ये समझने के लिए दैनिक भास्कर टीम अमरोहा के सैदनंगली गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… किराये के घर पर कपड़े बदले, CCTV में दिखे जीशान गाजियाबाद में खोड़ा में किराए पर रहता था। पुलिस की जांच में आया है कि शुक्रवार सुबह सलीम पर हमला करने के बाद जीशान अपने भाई के साथ पहले किराए के कमरे पर खोड़ा पहुंचा। दोनों के खून से सने हुए कपड़े थे, उसके बाद कमरे पर कपड़े बदले। यह पुलिस ने अलग-अलग CCTV में भी देखा। पुलिस का कहना है कि सलीम पर हमला करने के बाद दोनों दिल्ली में घुसे, उसके बाद दिल्ली की सीमा से गाजियाबाद बार्डर पर खोड़ा में कमरे पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक कमरे पर रुके रहे, यहां कपड़े भी बदले। बेटे का शव लेने गाजियाबाद पहुंचे पिता फूट-फूट कर रोए जीशान के पिता कहते हैं- 1 मार्च की रात को नगली थाने की पुलिस आई थी, मेरे घर का दरवाजा खुलवाया। उस समय मैं सोने जा रहा था। पुलिस ने कहा कि तुम्हारे बेटे जीशान का गाजियाबाद जिले के लोनी में एनकाउंटर हो गया। मैं सुनते ही हैरान रह गया। मैंने कहा- दरोगा जी… मेरे बेटे ने क्या कोई अपराध किया है क्या, मेरे तो परिवार पर कभी 151 भी नहीं हुई। इस धारा के तहत अगर पुलिस को लगता है कि कोई शख्स अपराध करने वाला है तो उसे बिना किसी वारंट गिरफ्तार कर सकती है। मेरे दोनों बेटे गुलफाम और जीशान के मोबाइल शुक्रवार से ही बंद थे। मुझे लगा कि पता नहीं क्या हो गया, फोन क्यों बंद है। उसी रात में मुझे पता चला कि जीशान नहीं बचा है। पिता बुनियाद अली कहते हैं- शनिवार सुबह जीशान घर पर आया था, लेकिन वह किसी काम की बात कहकर चला गया। जबकि बड़ा बेटा गुलफाम शाम को घर से दिल्ली चला गया। फिर हमारी बात नहीं हुई। पिता ने रोते हुए कहा कि मुझे पता होता कि मेरे बेटे ने क्राइम किया है तो समझाता। लेकिन मुझे कभी पता नहीं चला। पता नहीं कैसे यह सब कर दिया। मैंने तो अपने घर पर कभी पुलिस नहीं देखी। अब पढ़िए गांव का माहौल… 45 गज में मकान, बाहर दुकान
अमरोहा जिले में गजरौला से 30Km आगे चलकर संभल रोड पर सैदनंगली कस्बा है। यहां पर 60 वर्षीय बुनियाद अली का 45 गज में पुस्तैनी घर है। बाहर की तरफ एक छोटा दरवाजा है। बराबर में एक दुकान है, जिसका शटर बंद था। बुनियाद अली पिछले 40 साल से लकड़ी का काम करते आ रहे हैं। उनकी 5 बेटियां हैं, पांचों की शादी हो चुकी है। दो बेटे गुलफाम और जीशान थे। जीशान के एनकाउंटर के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। बड़ा भाई गुलफाम फरार है। लोगों में ये डर हैं कि गुलफाम की तलाश में कभी भी पुलिस की दबिश हो सकती है। ऐसे में लोग बात करने से बचते दिखे। एक महीने पहले आए थे जीशान के रिश्ते वाले
जीशान के घर से 100 मीटर की दूरी पर 40 साल की एक महिला ने बताया- हम बहुत डरे हुए हैं। हमारा बस फोटो-वीडियो मत बनाना। पता नहीं सरकार क्या कर दे। गुलफाम की शादी हो चुकी है, वह अपनी पत्नी के साथ पहले दिल्ली में रहता था, अब पता चला कि गाजियाबाद के खोड़ा में रह रहा है। महिला ने आगे बताया कि जीशान की शादी की बात चल रही थी। इसके लिए संभल से 2 व्यक्ति आए थे। उन्होंने पूछा था कि जीशान क्या करता है? उन्हें बताया था कि वह अपने भाई गुलफाम के साथ फर्नीचर का काम करता है। शायद जल्द ही जीशान की शादी होनी थी। पड़ोसियों ने क्या-क्या बताया? पढ़िए परिवार का कोई विवाद नहीं सुना
जीशान के घर के पड़ोस में रहने वाले अतीक अहमद कहते हैं- बुनियाद बहुत सज्जन व्यक्ति हैं। हमने कभी इस परिवार को किसी से झगड़ते नहीं सुना। यहां तो बुनियाद अली अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। 400- 500 रुपये की रोज की कमाई होती होगी। जीशान कभी-कभी अपने घर आता था। उसको मोहल्ले में कभी घूमते नहीं देखा। वो बस अपने में खोया रहता था। मगर ऐसा कुछ करेगा, इसका किसी को अंदाजा ही नहीं हुआ। जब एनकाउंटर की बारे में पता चला तो हम लोग चौंक गए। नूर मोहम्मद कहते हैं- परिवार नेक दिल, न जाने बेटे को क्या हुआ
पड़ोस में रहने वाले 35 साल के नूर मोहम्मद ने बताया- कभी भी जीशान या उसके भाई से झगड़ा नहीं सुना। उनके पिता का पुराना लकड़ी का काम है। दोनों भाई अपने घर कम ही आते थे। बड़े वाले गुलफाम की शादी हो चुकी है, पड़ोस के लोगों से हमने सुना की जीशान के साथ गाजियाबाद में घटना हो गई, लेकिन हम इसमें कुछ नहीं कह सकते। क्योंकि परिवार बहुत नेकदिल था, न जाने बेटे को क्या हो गया।
अब एनकाउंटर की पूरी कहानी जान लीजिए… DCP पीयूष सिंह ने बताया- रविवार रात लोनी थाना प्रभारी नितिन चौधरी, देहात स्वाट टीम ने 2 संदिग्धों को बाइक पर आते हुए देखा। उन्हें रोकने का प्रयास किया दोनों पर पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग कर दी। दोनों तरफ से करीब 15 मिनट तक 25 से 30 राउंड फायरिंग चली। एसओ लोनी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लग गई। एक गोली बदमाश को भी लगी। वह घायल हो गया। उसने पुलिस को बताया- मैंने ही अपने साथी के साथ सलीम पर हमला किया था। निठौरा अंडर पास के पास हुई घटना के बाद पुलिस घायल को 50 सैय्या अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से .32 बोर की मेड इन इटली की पिस्टल, 6 कारतूस, 8 खोखे और स्पलेंडर बाइक बरामद की है। पुलिस ने जीशान का सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही है। इंस्टाग्राम पर उसके कई वीडियो मिले हैं। वीडियो में एक व्यक्ति का संदेश भी मिला है। इसमें वो बोल रहा है कि एक दिन सूरज की रोशनी नहीं होगी। तारे टूट जाएंगे। पढ़ के देख लो कुरान। अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। इससे पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। उस्मान ने बताया- चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी।
यूट्यबर के बारे में भी जान लीजिए- सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं।
अब पुलिस की बात गुलफाम पर एक लाख का इनाम
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने बताया- सलीम पर जानलेवा हमले के मामले में गुलफाम फरार है। पुलिस टीमें लगी हैं। दोनों ने सलीम पर हमला किया था। फरार गुलफाम पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। जल्द ही उसको पकड़ लिया जाएगा। जीशान की बॉडी को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के सुपुर्द किया गया है। ……….. ये खबर भी पढ़ें – कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…