शिवहर शहर में रंगों के पर्व होली पर इस बार ‘कादो-कादो’ (कीचड़-कीचड़) कुर्ता फाड़ होली का अनोखा रंग देखने को मिला। सुबह से ही शहर के मुख्य बाजार और आसपास के इलाकों में युवाओं की टोलियां सड़कों पर उतर आईं। बाजार की कई गलियां कीचड़ से पट गईं। यहां युवाओं ने रंग-गुलाल के साथ कीचड़ लगाकर पारंपरिक अंदाज से हटकर होली का आनंद लिया। सुबह से ही युवक एक-दूसरे के कुर्ते फाड़ते और कीचड़ में सराबोर करते दिखे। आने-जाने वाले राहगीरों को भी पकड़कर जबरन कीचड़ लगाया गया और उनके साथ मस्ती की गई। हालांकि, कई लोगों ने इसे होली की उमंग और परंपरा का हिस्सा बताया, वहीं कुछ राहगीर इस दौरान असहज भी नजर आए। दिन चढ़ने के साथ बाजार क्षेत्र में भीड़ और उत्साह बढ़ता गया। चारों ओर ढोल-नगाड़ों, हंसी-ठिठोली और हुड़दंग का माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से शांति, सौहार्द और मर्यादा बनाए रखते हुए होली मनाने की अपील की गई है, ताकि पर्व की खुशियां किसी के लिए परेशानी का कारण न बनें।