झज्जर जिले के गांव बाजितपुर में पुरानी रंजिश और आपसी कहासुनी को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसमें महिलाओं सहित दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट (MLR) के आधार पर नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आठ जनों पर मामला दर्ज कर लिया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सदर थाना झज्जर में दी गई शिकायत के अनुसार, बाजितपुर निवासी मनोज ने बताया कि वह गांव के मंदिर के पास जिम के बाहर गली में खड़ा था। तभी बाजितपुर निवासी नरेंद्र ने आकर उसे दो थप्पड़ मारे। इसके बाद नरेंद्र के बेटे हर्ष और गौरव ने उसका रास्ता रोककर लात-घूंसों से हमला किया। मनोज किसी तरह अपनी जान बचाकर घर की ओर भागा और परिवार वालों को बुलाया। इसी दौरान, दूसरे पक्ष से नरेंद्र के परिजन प्रदीप, वीरेंद्र, सुनीता (प्रदीप की पत्नी), अनीता (नवीन की पत्नी), सुजाता (वीरेंद्र की पत्नी) और आंशी (वीरेंद्र की बेटी) भी मौके पर पहुंच गए। उनके हाथों में डंडे, ईंट और पत्थर थे। मनोज के परिवार वाले भी वहां आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर झगड़ा हुआ। मनोज ने बताया कि झगड़े के दौरान प्रदीप ने उसके चाचा अजीत को लकड़ी के डंडे से कमर पर मारा। नरेंद्र ने उस पर और उसके पिता पर डंडे से वार किया, जबकि सुजाता ने उसके पिता को डंडे से पीटा। अनीता, सुनीता और आंशी ने ईंटों से हमला किया। इस मारपीट में मनोज, उसके पिता, चाचा अजीत और सुनीता घायल हो गए। सभी घायलों को सरकारी अस्पताल झज्जर में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मेडिकल रिपोर्ट (MLR) प्राप्त की। रिपोर्ट के अनुसार, सभी घायलों को भारी वस्तु से लगी (ब्लंट) चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार, दूसरे पक्ष के प्रदीप, आंशी, सुनीता (प्रदीप की पत्नी) और सुजाता (वीरेंद्र की पत्नी) को भी चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने सभी घायलों को बयान देने योग्य बताया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने दर्ज किया मामला थाना सदर झज्जर पुलिस ने मनोज निवासी बाजितपुर की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल उमेश ने बताया कि मामले में धारा 115(2), 351(3), 126(2), 190, 191(3) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बनी हुई है।