अयोध्या में संतों ने होली खेली-एक-दूसरे के गले मिले।भगवान श्रीरामलला सहित अयोध्या के 10 हजार मंदिरों में भगवान को नूतन वस्त्र पहनाकर दिव्य श्रृंगार किया गया।इससे पहले पुलारियों ने भगवान के साथ होली खेली।प्रसाद के रूप में बचे हुए गुलाल और पुष्प से भक्तों के साथ होली खेली। सरयू तट से लेकर रामलला के आंगन तक होली की धूम रही।आचार्यपीठ लक्ष्मण किला में संतों ने इस उत्सव को जोरदार ढंग से मनाया।महंत मैथिलीरमण शरण ने हनुमत निवास के महंत मिथिलेशनंदिनी शरण और जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य आदि के साथ जमकर होली खेली।
होली के उल्लास में डूबे महंत डाक्टर मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि गुलाल गाल पर लगाया जाता है कपाल पर नहीं। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिंहा ने होली पर अयोध्या के प्रसिद्ध वैष्णवपीठ श्रीरामवल्लभाकुंज पहुंच आश्रम के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास से आशीर्वाद लिया।इस अवसर पर अयोध्या की आध्यात्मिकता और विकास पर चर्चा हुई।