होली के मौके पर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने के बावजूद तीन अलग-अलग स्थानों पर हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने त्योहार को देखते हुए 1150 पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी, ताकि किसी भी प्रकार की हुड़दंग या अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसके बावजूद शहर में तीन युवकों की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अंकित की चाकू मारकर हत्या पहला मामला मक्खन माजरा का है, जहां 21 वर्षीय अंकित की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। अंकित मूल रूप से बिहार के गोपालगंज का रहने वाला था और यहां मजदूरी का काम करता था। परिवार के अनुसार, घर में उसकी बहन की शादी तय थी और वह शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। मृतक के भाई सुनील कुमार ने बताया कि होली के दिन अंकित अपने साथियों के साथ रंग खेल रहा था। इसी दौरान अरविंद, बॉबी, सचिन, करण और उनके अन्य साथियों ने उससे मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि झगड़े के दौरान आरोपियों में से एक ने अंकित पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अंकित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुनील कुमार ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। बहस से शुरू विवाद दो जान ली दूसरी घटना राम दरबार क्षेत्र में हुई। यहां होली के दौरान पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई और फिर मामला हत्या तक पहुंच गया। इस घटना में सूरज और अजय नाम के दो युवकों की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामूली बहस के बाद विवाद बढ़ता गया और आरोपियों ने दोनों युवकों पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।