बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना स्थित विधानसभा परिसर पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री के साथ एनडीए के अन्य उम्मीदवारों ने भी अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। एनडीए की ओर से नामांकन दाखिल करने वालों में बिहार भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, जेडीयू नेता रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा नेता शिवेश कुमार शामिल हैं। सभी उम्मीदवारों ने विधानसभा पहुंचकर अपने-अपने नामांकन पत्र जमा किए। पहले देखिए नीतीश कुमार के नामांकन की तस्वीर… नामांकन से पहले जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध मुख्यमंत्री के नामांकन से पहले ही जेडीयू के अंदर नाराजगी खुलकर सामने आ गई। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ललन सिंह, विजय चौधरी और संजय झा के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। जेडीयू कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी के फैसलों में कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, जिससे संगठन के अंदर नाराजगी बढ़ रही है। अब देखिए जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध की तस्वीर… आरसीपी सिंह की वापसी की उठी मांग विरोध प्रदर्शन के दौरान जेडीयू कार्यकर्ताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को पार्टी में वापस लाने की मांग भी उठाई। जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ता लगातार आरसीपी सिंह को वापस लाओ की नारे लगा रहे थे। जेडीयू नेता वरुण कुमार ने कहा कि, ‘जेडीयू के अधिकांश कार्यकर्ता चाहते हैं कि आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी हो। इससे कार्यकर्ताओं के बीच जो उदासीनता और मायूसी का माहौल बना हुआ है, वह खत्म हो जाएगा।’ उन्होंने कहा कि ‘आज की घटनाओं को बिहार की राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।’ कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व पर उठाए सवाल वहीं जेडीयू कार्यकर्ता प्रिंस कुमार ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि, ‘पहले आरसीपी सिंह को लेकर कई तरह की बातें कही जाती थीं और उन्हें भाजपा का एजेंट बताया जाता था। आज लोगों को समझ में आ गया कि असली एजेंट कौन है। ’ उन्होंने कहा कि, ‘अगर आरसीपी सिंह पार्टी में होते तो शायद ऐसी स्थिति नहीं बनती। आरसीपी सिंह जल्द से जल्द पार्टी में वापस आएं और संगठन को संभालें, तभी पार्टी के अंदर सब कुछ सामान्य हो सकेगा।’