वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 की रिपोर्ट- मोटापा बना ‘साइलेंट महामारी’:भारत में 5-19 साल के बच्चों में मोटापे की दर 4.8% की दर से बढ़ रही

अगर आप मानते हैं कि दुनिया में बच्चों की सबसे बड़ी समस्या कुपोषण या कम वजन है, तो अब तस्वीर बदल रही है। वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 से 2027 के बीच दुनिया में कम वजन वाले बच्चों से ज्यादा संख्या मोटापे के शिकार बच्चों की हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब बच्चों में मोटापे के मामले में चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यहां बचपन का मोटापा अब एक ‘साइलेंट महामारी’ बनता जा रहा है। 2025 के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 5 से 19 वर्ष की उम्र के 4.1 करोड़ बच्चे उच्च बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) के साथ जी रहे हैं। इनमें से करीब 1.4 करोड़ बच्चे मोटापे के शिकार हैं। 2010 से 2025 के बीच भारत के 5-19 वर्ष के बच्चों में उच्च बीएमआई 4.8% की सालाना दर से बढ़ा है। वहीं 5 से कम उम्र के बच्चों में भी मोटापा 4.4% की सालाना दर से बढ़ रहा है। बच्चों में लिवर डैमेज और कैंसर के लक्षणों का खतरा बढ़ा… बच्चों में लिवर डैमेज और कैंसर के लक्षण सबसे बड़ा खतरा हैं। माता-पिता अक्सर गोल-मटोल बच्चों को स्वस्थ मान लेते हैं, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक यही मोटापा बच्चों के शरीर में धीरे-धीरे बड़ों वाली गंभीर बीमारियों की नींव डाल रहा है। भारत में मोटापा बढ़ने की खास वजह
3 में से सिर्फ एक बच्चा बिना हांफे दौड़ पाता है… स्पोर्ट्ज विलेज के 14वें वार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण में 112 शहरों के 333 स्कूलों के 1 लाख 41 हजार 840 बच्चों का आकलन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार केवल तीन में से एक बच्चा ही बिना हांफे दौड़ सकता है, जबकि हर तीन में से दो बच्चे पर्याप्त कार्डियोरेस्पिरेटरी गतिविधि करने में सक्षम नहीं हैं। एरोबिक फिटनेस सबसे कमजोर रही। करीब 40% बच्चे हेल्दी बीएमआई रेंज से बाहर पाए गए। 49% बच्चे अपर बॉडी और 44% लोअर बॉडी स्ट्रेंथ मानकों पर खरे नहीं उतरे। को-फाउंडर एवं एमडी सौमिल मजूमदार ने स्कूलों में संरचित शारीरिक शिक्षा बढ़ाने की जरूरत बताई। स्कूलों में ओवरऑल फिटनेस 86% तक दर्ज की गई। ……………… हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट: जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। आमतौर पर यह कुछ समय के लिए होता है। पूरी खबर पढ़ें… सेहत का विज्ञान- क्या OMAD डाइट से कम होगा वजन: ये है इंटरमिटेंट फास्टिंग का नया तरीका, फॉलो करने से पहले जानें पूरी सच्चाई वजन घटाने के लिए यूं तो कई तरह की फास्टिंग पॉपुलर हैं। इसी तरह से इन दिनों OMAD यानी ‘वन मील ए डे’ इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से प्रचलित हो रही है। ऐसे में आज जानते हैं इस नए फास्टिंग के बारे में… और ये भी कि इसके पीछे की साइंस क्या है? पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *