नीतीश कुमार की कुंडली में उपराष्ट्रपति बनने का संयोग:2027-28 में उतार चढ़ाव, फिर मिलेगा बड़ा पद; जानिए क्या है ग्रह नक्षत्रों का योग

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा कैंडिडेट के लिए अपना नॉमिनेशन दाखिल किया है। अब वह बिहार की राजनीति छोड़ दिल्ली कूच करेंगे। उनकी कुंडली में राहु, शुक्र के साथ बुध की दशा चलने के कारण उन्होंने यह फैसला लिया है। नीतीश कुमार के ग्रह-नक्षत्र के अनुसार उनकी कुंडली में उपराष्ट्रपति बनने के संयोग है। साल 2027-28 उनके लिए उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। इसके बाद साल 2029 में उन्हें बड़ा पद मिलेगा। उनके प्रतिष्ठा में वृद्धि के आसार दिख रहे हैं। कुंडली में सूर्य विराजमान होने के कारण ही उनका स्थान भी परिवर्तन होने वाला है। पढ़िए नीतीश कुमार की कुंडली में क्या संयोग बना रहे हैं… राहु और शुक्र की युति से बना ये संयोग ज्योतिषाचार्य राकेश झा के अनुसार, नीतीश कुमार की राशि वृश्चिक है और उसके स्वामी मंगल होते हैं। नीतीश कुमार की कुंडली में राहु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है। नीतीश कुमार की जन्मकुंडली में पराक्रम स्थान को मंगल देख रहे हैं। राहु-शुक्र के साथ बुध की प्रत्यन्तर दशा चल रही है। राहु पद-प्रतिष्ठा तो शुक्र वैभव, ऐश्वर्य, प्रसिद्धि देने वाला है। बुध ग्रह वाणी, कुशाग्र बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। इन तीनो ग्रहों का मेल पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन का योग बनाता है। यह साल इनके पद प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा दिलाएगा। इसके साथ ही शुक्र देश की राजनीति सुख में प्रबल दावेदार सिद्ध होंगे। चंद्रमा की अंतर्दशा, 2027 नीतीश के लिए होगा कष्टकारी पंडित राकेश झा ने कहा कि, ‘नीतीश कुमार की 26 अप्रैल 2027 के बाद चंद्रमा की अंतर्दशा शुरू हो जाएगी। उस समय उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है। मस्तिष्क संबंधी माइग्रेन की समस्या, सांस संबंधी समस्या हो सकती है।’ गुरु की महादशा, नवंबर 2029 से प्रतिष्ठा में होगी बढ़ोत्तरी पंडित राकेश झा ने बताया कि, ‘26 अक्टूबर 2027 के बाद उनके राजनीतिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। नीतीश कुमार का जन्म मार्च महीने में हुआ है, पहली बार उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी मार्च महीने में ही ली थी। अब राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन भी उन्होंने मार्च महीने में ही भरा है। उनके लिए मार्च महीना काफी शुभ है। अगर हिंदी कैलेंडर के अनुसार, बात करें तो यह साल का अंतिम महीना है।’ गुरु की महादशा में खुलेंगे अन्य द्वार नीतीश कुमार के जन्म कुंडली के अनुसार, इनकी कुंडली में बुधादित्य योग के साथ राहु, शुक्र, सूर्य, शनि और बुध की उपस्थिति, उनके राजनीति अवसर को और प्रगाढ़ बनाती है I ये सभी ग्रह लग्न स्वामी के मित्र या उससे जुड़े हुए हैं। शनि उन्हें जीवन और करियर दोनों में स्थिरता प्रदान करता है। मंगल उन्हें अपने काम के प्रति अत्यधिक उत्साही बनाता है और उन्हें सफलता भी देता है। उनकी कुंडली में राहु के बाद गुरु महादशा आने वाली है, ये भी इनके लिए शुभ फलदायी रहेगा। इसके प्रभाव से इनके राजनीतिक करियर में नया मोड़ आएगा, जो आगे और उच्च की प्रतिष्ठा दिलाने में सफल होगा। समझौता करने में अत्यधिक हठी हैं नीतीश नीतीश कुमार के राशि के अनुसार, वह एक क्रियाशील व्यक्ति हैं और हमेशा कुछ करने के लिए योजना बनाते रहते हैं। वह समझौता करने में अत्यधिक हठी होते हैं। हमेशा कुछ ना कुछ नया खोजने की इच्छुक रहते हैं। क्रियाविहीन वह बिल्कुल भी सहन नहीं कर सकते हैं। उनमें बहुत इच्छा शक्ति है और स्वतंत्रता की भावना कूट-कूट कर भरी है। उनके लिए ईमानदारी सबसे अधिक जरूरी चीज है। वह अयोग्यता सहन नहीं कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *