UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया है। 958 कैंडिडेट्स अलग-अलग सर्विसेज के लिए क्वालिफाई हुए हैं। पूरा रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्ध है। टॉप-10 में बिहार के 2 कैंडिडेट्स हैं। मुजफ्फरपुर के सरैयागंज इलाके के रहने वाले राघव झुनझुनवाला ने इस परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की है। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई मुजफ्फरपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पूरी की है। पटना के रहने वाले उज्जवल प्रियांक को 10वीं रैंक मिली है। सारण के यशस्वी राजवर्धन ने 11वीं रैंक हासिल की है। रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने 301वां स्थान हासिल किया है। समस्तीपुर के दो छात्रों ने भी इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। इसमें एक किराना दुकानदार का बेटा है और दूसरा यूनिवर्सिटी के कुलपति का बेटा है। UPSC के TOP-10 में बिहार के राघव और उज्जवल राघव झुनझुनवाला को चौथी रैंक मिली है मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने कहा है कि ये मेरा तीसरा अटेंप्ट था। मैंने दिल्ली से ग्रेजुएशन किया है। मेरी यूपीएससी में चौथी रैंक है। मैंने दिल्ली से ही पढ़ाई की है। राघव झुनझुनवाला की शुरुआती पढ़ाई जीडी मदर इंटरनेशनल स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल मुजफ्फरपुर से हुई है। इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए राघव दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स कॉलेज में एडमिशन ले लिया। यहीं पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दिल्ली में रहकर राघव ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में चौथा स्थान हासिल कर लिया। उनकी इस उपलब्धि को लेकर मुजफ्फरपुर के लोगों में खासा उत्साह है। परिवार के लोगों का कहना है कि राघव बचपन से ही अनुशासित और मेहनती रहे हैं। उन्होंने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस बनाए रखा। परिवार ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। किराना दुकानदार के बेटे की 143वीं रैंक समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड के कोठिया गांव निवासी अरुण चौधरी के बेटे आयुष कुमार ने भी यूपीएससी में सफलता हासिल की है। उन्होंने 143वां रैंक हासिल किया है। पिता जनरल स्टोर चलते हैं। ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती का भी सिलेक्शन रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती और इंदु भूषण सिंह की बेटी आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी क्रैक किया है। आकांक्षा सिंह ने 301वां स्थान हासिल किया है। वहीं पटना बाढ़ के पंडारक के इशित्व आनंद ने 50वीं रैंक हासिल की है। VC के बेटे की 102वीं रैंक मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के राजा जान गांव के रहने वाले अभिषेक कुमार सिंह को 102वीं रैंक मिली है। अभिषेक नालंदा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अभय कुमार सिंह के बेटे हैं। उनकी मां हाउस वाइफ हैं। अभिषेक की सफलता की जानकारी मिलते ही गांव में खुशी का माहौल है। हालांकि, अभिषेक का पूरा परिवार पटना में ही रहता है। यहां घर में ताला लगा हुआ है। अभिषेक इन दिनों दिल्ली में है। गांव के लोगों ने बताया कि अभिषेक बचपन से ही पढ़ने में काफी मेधावी थे। इन्होंने क्लास-5 में ही सैनिक स्कूल सिमुलतला के लिए क्वालीफाई किया था। वह भाई में अकेले है। एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। अभिषेक के चाचा सर्वजीत कुमार सिंह ने बताया कि मुझे पहले से ही पता था कि वो इस मुकाम पर पहुंचेगा। वो पढ़ने में शुरुआत से ही बहुत तेज था। जब वो पाचवीं में था, तो उसने सैनिक स्कूल में पहली रैंक लाकर एडमिशन करवाया था। उसने आईआईटी तक का सफर तय किया। यूपीएससी की परीक्षा पास करना उसका सपना था। इसके पिता फिलहाल नालंदा यूनिवर्सिटी में है। वैशाली के उज्जवल प्रियांक की 10वीं रैंक वैशाली के बिदुपुर प्रखंड के विदुपुर पंचायत के रहने वाले उज्जवल प्रियांक ने 10वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता इंजीनियर हैं। उज्जवल प्रियांक ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पटना के जान निकेतन स्कूल से की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। उन्होंने तीसरे प्रयास में UPSC परीक्षा में यह बड़ी सफलता हासिल की। बेगूसराय की रुचि सिंह की 171वीं रैंक, पिता बांका में पुलिस इंस्पेक्टर बेगूसराय के मटिहानी के महदरपुर के रहने वाले रामशंकर सिंह की बेटी रुचि सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। यूपीएससी एग्जाम में उन्हें 171वीं रैंक मिली है। रुचि सिंह का बचपन कोरजना गांव में बीता है। रुचि की मां निशा सिंह कोरजना गांव की रहने वाली हैं। रुचि के पिता पुलिस विभाग में बांका में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। रुचि की प्रारंभिक शिक्षा बीआरडीएबी बेगूसराय में हुई। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई यहीं से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित सेंट स्टीफेंस कालेज से आगे की पढ़ाई की। रुचि की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन हुआ है। 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित जारी रिजल्ट में कुल 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित हुए हैं। IFS के लिए 55 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है। वहीं, 150 IPS चुने गए हैं। यहां देखें रिजल्ट कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर विजिट कर फाइनल मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं। 27 फरवरी को खत्म हुए इंटरव्यू UPSC सिविल सर्विस 2026 प्रीलिम्स परीक्षा 25 मई 2025 को आयोजित की गई थी। इसके बाद मेन्स एग्जाम 22 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक आयोजित किया गया। चयनित उम्मीदवारों के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू, 27 फरवरी 2026 को खत्म हुए थे। इसी साल बदले IAS-IPS कैडर एलोकेशन रूल्स भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही ‘जोन सिस्टम’ की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई ‘कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026’ लागू कर दी गई है। इसके तहत अब ‘साइकिल सिस्टम’ के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्मीदवारों पर लागू होगी। जियोग्राफिकल जोन को खत्म कर नए ग्रुप्स बनाए UPSC ने अब तक सभी स्टेट और UTs के कुल 25 कैडर बनाए थे। इन्हें जियोग्राफिकली 5 जोन में बांटा गया था- नॉर्थ, वेस्ट, साउथ, सेंट्रल और ईस्ट। UPSC मेन्स क्लियर करने के बाद कैंडिडेट्स DAF II फॉर्म भरते थे जिसमें पहले जोन और फिर स्टेट प्रिफरेंस चुनने का मौका मिलता था। एक बार जिस स्टेट में ऑफिसर की नियुक्ति होती है, परमानेंट उसी स्टेट में काम करना होता है। इसे ही कैडर कहते हैं। नई नीति में सभी 25 कैडरों को वर्णानुक्रम यानी अल्फाबेटिकल ऑर्डर (A, B, C….Z) में अरेंज कर 4 ग्रुप्स में डिवाइड किया गया है: ग्रुप-I: AGMUT (दिल्ली/केंद्र शासित प्रदेश), आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़ ग्रुप-II: गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश ग्रुप-III: महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु ग्रुप-IV: तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल पुराने सिस्टम में मान लीजिए अगर कैंडिडेट ने नॉर्थ जोन के हरियाणा कैडर को प्रेफरेंस दिया। ऐसे में प्रॉबेबिलिटी रहती थी कि कैंडिडेट को अगर हरियाणा नहीं भी मिलता था तो राजस्थान या उत्तर प्रदेश मिल जाता था। लेकिन नए सिस्टम में एक जोन के भीतर अल्फाबेटिकली अरेंज स्टेट होते हैं। इसका मतलब H- हरियाणा, J-झारखंड और K- केरल एक जोन में होंगे। ऐसे में नियुक्ति हरियाणा के अलावा झारखंड, कर्नाटक और केरल भी मिल सकता है।