जालंधर के गांव बूटा छन्ना के सरपंच की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों की पहचान की थी, जिनमें से 3 को गिरफ्तार कर लिया है। सरपंच और जमहूरी किसान सभा के नेता सरपंच महिंदर सिंह पर नशा तस्करों ने 28 फरवरी को हमला किया था।
परिवार महिंदर सिंह को लेकर 2 मार्च को जालंधर के प्राइवेट अस्पताल पहुंचा था। हमले में सरपंच के सिर पर गहरी चोट लगी थी। सिर की हड्डी तक टूट गई थी और दोनों टांगों में फ्रैक्चर आया था। गंभीर हालत में सरपंच को जालंधर के अरमान अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। घटना के बाद महतपुर के लोगों और किसान जत्थेबंदियों के लोगों ने थाना महतपुर के आगे प्रदर्शन किया था। हमले के बाद आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। 2 बाइक पर आए 5 आरोपियों ने हमला किया था। किसान नेताओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ये सब चिट्टे की सूचना देने पर हुआ। सरंपच पंजाब सरकार की युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम के तरह लगातार चिट्टा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दे रहा थे। लोगों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने तस्करों पर कार्रवाई करने की जगह सरपंच की सूचना ही तस्करों को दे दी जिस पर तस्करों ने उस पर हमला कर दिया। घटना के वक्त बूटा छन्ना के सरपंच पत्नी के साथ सुबह साढ़े 6 बजे खेत में जा रहे थे। जैसे ही वह खेत में पहुंचे तो वहां पहले से छिपे बैठे कुछ लोगों ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर जब तक लोग पहुंचे तो हमलावर भाग निकले।
आरोपियों के खिलाफ कत्ल का केस दर्ज
मामले को लेकर थाना प्रभारी सुखपाल सिंह ने कहा कि इस केस में आरोपियों के खिलाफ इरादा ए कत्ल का मामला दर्ज किया गया था। 5 आरोपियों की पहचान की गई। मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि 2 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जा रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि पहले लोगों की मांग थी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन अब मांग की है कि सरपंच को शहीदी का दर्जा दिया जाए और स्कूल का नाम सरपंच के नाम पर रखा जाए।