एक तरफ सरकार द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जलालाबाद के सरकारी अस्पताल के बाहर चाय के खोखे की आड़ में प्रतिबंधित कैप्सूल बेचने के आरोप लग रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में एक युवक को पकड़ ले गई थी लेकिन 15 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार कर दिया। इस घटना ने जलालाबाद में नशे के कारोबार की पोल खोल दी है और यह साबित कर दिया है कि नशा माफिया किस तरह से सरकारी अस्पताल के बाहर भी अपना जाल फैला रहे हैं। रोज तीन चार डिब्बा कैप्सूल आता है, 20 रुपए के हिसाब से बेचता है वीडियो देखने के बाद जब मौके पर पड़ताल की गई, तो कैप्सूल बेचने वाले लोग आपस में एक दूसरे पर आरोप लगाते दिखाई दिए। सरकारी अस्पताल के बाहर चाय का काम करने वाले महिंदर कुमार ने बताया कि जो वीडियो वायरल हुई है, वह कैप्सूल उसे बबलू नामक शख्स देने आता है। कहा कि बबलू रोजाना अस्पताल के बाहर उसे तीन से चार डिब्बे कैप्सूल देता है, जिसे वह 20 रुपये प्रति कैप्सूल के हिसाब से बेचता है।
पुलिस दूसरी बार ले गई, 15 हजार लेकर छो़ड़ा महिंदर कुमार ने बताया कि उसे पुलिस दो बार उठाकर ले गई और उस पर एक मुकदमा भी दर्ज किया गया। उसने आरोप लगाया कि दूसरी बार वह 15 हजार रुपये पुलिस को देकर छूटा है। उसने बताया कि उसकी पत्नी से 15 हजार रुपये लेने के बाद उसे छोड़ दिया गया। बबलू ने किया आरोपों से इनकार मौके पर बबलू नामक शख्स भी पहुंच गया। बबलू ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह कोई कैप्सूल नहीं बेचता। बबलू ने कहा कि खाने के लिए उसे मिलने वाली गोलियों की डोज के बदले उसने कैप्सूल लिए हैं। बबलू का कहना है कि बेवजह उस पर आरोप लगाए जा रहे हैं और उसके पास जमीन है, वह जमींदार है। जमकर हंगामा हुआ इसके बाद सरकारी अस्पताल के बाहर उक्त लोगों के बीच जमकर बहस हुई और हंगामा हुआ। यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने किया रिश्वत के आरोपों से इनकार
अमीरखास थाने के एसएचओ जुगराज सिंह का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।पुलिस पर लगाए जा रहे रिश्वत लेने के आरोपों को नकारते हुए जुगराज सिंह ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। जब आरोपी को पकड़ा गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अब बेवजह उसके द्वारा पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे है।