2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की AAP सरकार ने बड़ा चुनावी दांव खेल दिया। करीब 4 साल के इंतजार के बाद 18 साल से बड़ी उम्र की हर महिला को 1000 रुपए प्रति महीने का ऐलान कर दिया गया। इस ऐलान से AAP ने सीधे तौर पर महिला वोटर्स को टारगेट किया। पंजाब में महिला वोटर्स लगभग 50% हैं। अगले चुनाव से पहले विरोधी कहीं उन्हें अपने हक में न कर लें, इसके लिए यह स्कीम की लॉन्चिंग की टाइमिंग भी सटीक रखी गई। वहीं ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम’ यानी मुख्यमंत्री मां-बेटी सम्मान स्कीम के जरिए दलित वर्ग की महिलाओं को ज्यादा तरजीह दी गई है। जनरल वर्ग के मुकाबले सरकार उन्हें 500 रुपए ज्यादा यानी 1500 रुपए महीना देगी। हालांकि 2022 में चुनावी वादा कर उसे चुनाव से ऐन पहले ऐलान करने को लेकर जरूर AAP महिलाओं के बीच घिर सकती है लेकिन सरकार ने अपनी टर्म में वादा पूरा किया, इसको लेकर AAP जरूर इसके जरिए पॉजिटिव माहौल बनाएगी। AAP सरकार ने न केवल दलितों को रिझाया बल्कि पंजाब में BJP के प्रचार का चेहरा बने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी स्कीम पर शर्तें थोपने को लेकर सवाल खड़े किए। पंजाब चुनाव में महिलाएं अहम क्यों?
पंजाब में कुल 2.12 करोड़ वोटर्स हैं। जो 117 विधानसभा सीटों पर विधायक चुनने के लिए मतदान करते हैं। इनमें से 1.07 करोड़ वोटर महिलाएं हैं। AAP सरकार ने सीधे तौर पर इन्हें कनेक्ट करने की कोशिश की है। यही वजह है कि स्कीम में ज्यादा शर्तें नहीं लगाई गईं। सरकार का दावा है कि इसमें सरकारी मुलाजिमों, MLA और MP को छोड़कर बाकी सबको लाभ मिलेगा। यहां तक कि चुनावी मजबूरी देखते हुए AAP सरकार बुढ़ापा-विधवा जैसी पेंशनधारकों को भी दोहरा लाभ देने को राजी हो गई। सरकार की दलील है कि इस स्कीम से 97% महिलाएं कवर हो जाएंगी। कांग्रेस-अकालियों से मुद्दा छीना, BJP को खुद ही जवाब देना होगा
AAP ने 2022 के चुनाव में जो भी गारंटियां दी थीं, उनमें से यह एक सबसे बड़ी गारंटी पेंडिंग पड़ी हुई थी। कांग्रेस और अकाली दल इसे मुद्दा बना रहे थे लेकिन अब उनके हाथ से यह मुद्दा निकल गया है। हालांकि वह ये जरूर कहेंगे कि पिछले 5 सालों के 48 हजार रुपए भी दो। मगर, इससे महिलाएं कितनी जुड़ती हैं, यह कहना मुश्किल है। हरियाणा में BJP सरकार दावा कर रही थी कि सरकार बनते ही उन्होंने महिलाओं को 2100 रुपए महीना देने की गारंटी पूरी कर दी है। हालांकि AAP सरकार ने इसमें भी सवाल उठाए कि BJP ने वहां 1 लाख रुपए की इनकम लिमिट लगा दी। इससे तो सिर्फ 20% ही महिलाओं को लाभ मिला। इसके उलट हम 97% महिलाओं को कवर कर रहे हैं। भाजपा इस बारे में AAP से पंजाब में सवाल पूछ रही थी, अब उन्हें ही शर्तों को लेकर जवाब देना होगा। दलित महिलाओं को ज्यादा रुपए क्यों?
AAP सरकार ने दलित महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा क्यों दिए, इसका जवाब पंजाब की दलित पॉलिटिक्स में कांग्रेस का दबदबा और BJP की सेंधमारी है। 2022 में पंजाब की 117 में से 92 सीटें जीतकर लैंडस्लाइड विक्ट्री पाने वाली AAP को पंजाब की दलित बेल्ट दोआबा में झटका लगा था। मालवा में 69 में से 62 सीटें जीतने वाली AAP यहां कांग्रेस से कड़े मुकाबले में फंसी रही। दोआबा की 23 में से AAP 10 ही सीटें जीत पाई। कांग्रेस ने बराबरी की टक्कर देते हुए 9 सीटें जीती थीं। 2027 में भी AAP को यहां की राह मुश्किल लग रही थी। खासकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डेरा सचखंड बल्लां के दौरे के बाद रविदासिया समाज में BJP की एंट्री दिख रही थी। ऐसी सूरत में कांग्रेस की मुश्किल के साथ AAP के लिए BJP की चुनौती भी खड़ी हो रही थी। AAP ने SC वर्ग की महिलाओं को तरजीह देकर दलितों को रिझाने की पूरी कोशिश की है। BJP को कई राज्यों में फायदा मिल चुका
महिलाओं को सीधे कैश मदद देने की यह स्कीम कई राज्यों में भाजपा को फायदा दिला चुकी है। मध्य प्रदेश में लाडली बहना स्कीम से सरकार वापस आ गई। बिहार में भी भाजपा ने चुनाव से पहले महिलाओं के अकाउंट में रुपए ट्रांसफर किए। दिल्ली में भी इसका ऐलान किया और हरियाणा में भी भाजपा केा इसका फायदा मिला। AAP ने भी यही रणनीति अपनाई है क्योंकि हर वर्ग की महिलाओं के बैनिफिट मिलने से इसका इंपैक्ट पूरे राज्य पर पड़ेगा। जिसका AAP को सभी 117 सीटों पर फायदा दिख रहा है। अब जानिए, वित्तमंत्री ने ऐलान करते हुए क्या-क्या कहा सीधे बैंक अकाउंट में आएंगे रुपए
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत पंजाब की हर बालिग महिला को हर महीने ₹1000 सीधे उसके बैंक खाते में दिए जाएंगे। इसके अलावा SC समुदाय की महिलाओं को हर महीने ₹1500 सीधे उनके खाते में दिए जाएंगे। वित्तमंत्री चीमा ने कहा- मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की पहली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर) योजना होगी, जो महिलाओं के लिए शुरू की जा रही है। पंजाब में 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकेगी। सरकारी कर्मचारी, सांसद-विधायकों को लाभ नहीं
चीमा ने कहा- केवल कुछ कैटेगरी की महिलाओं को इस स्कीम से बाहर रखा गया है, जिनमें मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा या पूर्व सांसद/विधायक और आयकर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं जैसे बुजुर्ग पेंशन, विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। चीमा ने कहा- कुल मिलाकर पंजाब की लगभग 97% बालिग महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी, जो भारत के किसी भी राज्य में सबसे अधिक कवरेज है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, घर के फैसलों में उनकी भूमिका को मजबूत करना, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार लाना और लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने तथा बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। हरियाणा ने इनकम लिमिट लगाई, सिर्फ 20% को लाभ
चीमा ने कहा- कई राज्यों ने ऐसी योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन वे उन्हें सिर्फ महिलाओं के एक छोटे वर्ग तक सीमित कर देते हैं और उन बड़ी संख्या में महिलाओं को नजरअंदाज कर देते हैं जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी पुरुषों पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। चीमा ने हरियाणा का नाम लेकर उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे एक पड़ोसी राज्य हरियाणा ने भी ऐसी ही योजना घोषित की, लेकिन उसे सालाना ₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों तक ही सीमित रखा, जिससे सिर्फ लगभग 20% बालिग महिलाएं ही कवर होती हैं। पंजाब ऐसी जुमलेबाजी नहीं करेगा। CM भगवंत मान पंजाब की सिर्फ 20% महिलाओं के नहीं, बल्कि पंजाब की हर महिला के मुख्यमंत्री हैं। इसीलिए हमने फैसला किया है कि इस योजना के तहत राज्य की सभी बालिग महिलाओं को कवर किया जाएगा। किताबों-कोचिंग, फिल्म देखने के लिए पैसे मांगने की जरूरत नहीं
चीमा ने कहा कि चाहे कॉलेज में पढ़ने वाली बेटी हो जिसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही बेटी हो जिसे कोचिंग की जरूरत हो, कोई महिला जो सिनेमा हॉल में फिल्म देखना चाहती हो, या कोई दादी जो अपनी पोती के लिए नया खिलौना खरीदना चाहती हो, अब उन्हें अपने खर्चों के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब उनके बड़े भाई और बेटे सरदार भगवंत सिंह मान हर महीने ₹1000 से ₹1500 सीधे उनके बैंक खाते में जमा करवाएंगे। चीमा ने कहा कि इस योजना को पारदर्शी और समय पर लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹9,300 करोड़ का विशेष बजट रखा गया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबर भी पढ़ें: पंजाब में 2.60 लाख करोड़ का बजट पेश: महिलाओं को ₹1000 महीना देने का ऐलान; अप्रैल से ड्रग-आर्थिक जनगणना होगी पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने रविवार (8 मार्च) को 2,60,437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि ये बजट मां-बेटियों को समर्पित है। इस दौरान महिलाओं के लिए एक हजार रुपए महीना देने की स्कीम मावां-धीयां सत्कार योजना लॉन्च की।(पढ़ें पूरी खबर) 8 महीने पहले मंत्री बने अरोड़ा को सबसे ज्यादा बजट: दूसरे नंबर पर खुडि्डयां, CM को ₹12 हजार करोड़ मिले; जानें किस मंत्री को कितना बजट मिला पंजाब की CM भगवंत मान की अगुआई वाली AAP सरकार ने साल 2026-27 के लिए करीब 2 लाख 60 हजार 437 करोड़ का बजट पेश किया है। पिछले बजट 2025-26 (2.36 लाख करोड़) की तुलना में लगभग 24 हजार करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बिजली सब्सिडी, खेती, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया है। (पढ़ें पूरी खबर)