नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई अबतक किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच सकी है। केस टेकआेवर किए करीब एक महीना को है, पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हालांकि सीबीआई की टीम इस दौरान जहानाबाद, गयाजी, पटना स्थित छात्रा के हॉस्टल के साथ ही कोर्ट का चक्कर लगाती रही। सीबीआई के लिए सबसे बड़ी चुनौती उस आरोपी को गिरफ्तार करना है, जिसका स्पर्म छात्रा के कपड़े पर मिला था। एसआईटी ने 25 लोगों का सैंपल लिया पर किसी को डीएनए उस कपड़े, पर मिले स्पर्म से मैच नहीं किया। कोर्ट की फटकार के बाद सीबीआई ने पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज कर लिया है। 12 फरवरी को जब केस टेकआेवर किया तब सीबीआई ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। बिहार सरकार ने 31 जनवरी को सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की थी। छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई थी। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई थी। उसके बाद एसआईटी गठित की गई थी। सोमवार को फिर इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। सीबीआई ने जो पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज किया है, उसकी सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में होगी। पिछली तीन तारीख में इस केस में जेल में बंद हॉस्टल संचालक मनीष रंजन की जमानत पर सुनवाई हुई, पर उसे जमानत नहीं मिली। पॉक्सो कोर्ट ने सीबीआई आैर बेउर जेल अधीक्षक को शो कॅज नोटिस जारी किया था। एसआईटी ने पॉक्सो कोर्ट में कहा था कि मामला सीबीआई को चला गया है। इसलिए मनीष रंजन की कोई जरूरत नहीं है। वहीं सीबीआई ने पॉक्सो कोर्ट में कहा था कि जांच में मनीष रंजन की कोई जरूरत नहीं हैं। सीबीआई ने अब तक वही जांच की जो पहले एसआईटी कर चुकी है। सीबीआई ने कोई नया साक्ष्य संकलित नहीं किया है।