राज्यभर में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। रविवार को पटना का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 7.9 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मौसम का असर ऐसा है कि अभी से ही अप्रैल-मई जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। इस बीच मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी भारत में विकसित ट्रफ रेखा के कारण वायुमंडल में हल्की अस्थिरता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के पटना केंद्र के अनुसार इन मौसम प्रणालियों का मुख्य प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों में रहेगा, लेकिन बिहार में 9 से 11 मार्च के बीच मौसम का मिजाज बदल सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंशिक बादल, गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम पर इनका असर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ गंगीय पश्चिम बंगाल के आसपास ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण बिहार से छत्तीसगढ़ तक फैली ट्रफ (निम्न दबाव रेखा) संभावित असर मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा कई जिलों में आंशिक बादल छा सकते हैं कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। दिन में गर्मी का असर बढ़ेगा, जबकि कुछ स्थानों पर बादल और हल्की बारिश के कारण तापमान में मामूली गिरावट भी देखने को मिल सकती है।