बेगूसराय जिला न्यायालय को एक सनसनीखेज ई-मेल भेजकर दहलाने की धमकी दी गई है। रात 12:42 बजे इस पत्र ने प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया है। पत्र में दावा किया गया है कि कोर्ट परिसर और जज के चैंबर में 14 सायनाइड गैस से भरे बम फटने वाले हैं। बेगूसराय सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। देर रात 12:42 बजे मेल के जरिए धमकी दी गई है। मेल में लिखा है, सोमवार दोपहर 1 बजे से पहले कभी भी धमका हो सकता है। कोर्ट कैंपस और जज के चैंबर में 14 सायनाइड गैस से भरे बम रखे हैं।’ अलर्ट मोड में पुलिस धमकी देने वाले ने खुद को तमिलनाडु रिट्रीवल ट्रूप्स (TNRT) का सदस्य बताया है। भेजे गए ई-मेल में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यह कोई फेक धमकी नहीं है। कुछ बमों को ड्रोन के जरिए गिराया गया है, इसलिए प्रशासन को छतों की सघन तलाशी लेनी चाहिए। धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद बेगूसराय पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। मेन गेट को बंद कर दिया गया है। सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर किसी को भी अंदर आने की परमिशन नहीं है। कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए ई-मेल की शुरुआत में Justice For Nanguneri लिखा गया है। मेल लिखने वाले ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि तमिलनाडु के अजीत कुमार की पुलिस हिरासत में कथित तौर पर हत्या कर दी गई, जबकि वह निर्दोष था। तमिलनाडु के कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के पारिवारिक विवादों और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक होने के भी गंभीर दावे किए गए हैं। मेल भेजने वाला विश्वास भाई-नांगुनेरी सेल (TNRT) और ईमेल आईडी sourav_biswas1@outlook.com है। जांच में जुटी साइबर सेल पुलिस अब इस ई-मेल के IP एड्रेस और ‘सौरव विश्वास’ नामक प्रेषक की जांच कर रही है। पत्र में जिस तरह की भाषा और तकनीकी शब्दों (जैसे सायनाइड गैस और ड्रोन) का उपयोग किया गया है, इसे गंभीरता से लिया गया है। साइबर सेल इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। मेल में बार-बार तमिलनाडु की घटनाओं और वहां के एक राजनीतिक दल का जिक्र किया गया है। नांगुनेरी तमिलनाडु का एक क्षेत्र है। हमलावर ने खुद को तमिलनाडु रिट्रीवल ट्रूप्स का हिस्सा बताया है।