फरीदाबाद जिले के SBI बैंक की सेक्टर 15 स्थित ब्रांच में बिना मालिक को सूचना दिए लॉकर को तोडने के मामले में पुलिस ने बैंक के मैनेजर सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए आरोपियों में तत्कालीन बैंक मैनेजर प्रीति कटारिया, एके सिंह, भावना नरवाल और वैंडर नीरज शर्मा शामिल है। वैंडर नीरज शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जिसको कोर्ट ने खारिज कर दिया था। चार्टर्ड अकाउंटेंट का तोड़ा था लॉकर सेक्टर 15 ए के रहने वाले डीसी गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में कहा बताया कि वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है। उनका सेक्टर 15 स्थित एसबीआई की ब्रांच में लॉकर और अकाउंट भी है और लॉकर फीस भी दे रहे है। उन्होंने लॉकर में लगभग एक किलो सोना और लगभग 3 किलो चांदी के गहने रखे थे। 8 महीने पहले आपरेट किया था करीब एक महीने पहले उनकी पत्नी नीलम लाकर को खोलने गई थी, लेकिन बैंक जाकर उनको पता चला कि वह उनका लॉकर नही है। जब उसकी पत्नी ने बैंक में लाकर नंबर बताया, तो कर्मचारियों ने बताया कि यह नंबर किसी दूसरे के नाम पर रजिस्टर्ड है। सोना और चांदी के जेवरात गायब डीसी गर्ग ने बताया कि जब उन्होंने लाकर के अंदर रखे सामान के बारे में पूछा, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने पूछा कि जब लॉकर तोड़ा गया, तो क्या प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन फिर से उन्हें कोई सही जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीडित ने जो सबूत दिए है, वह बैंक अधिकारियों के खिलाफ है।