लखनऊ-कानपुर समेत 10 शहरों में धुंध, 2 दिन बारिश होगी:आगरा सबसे गर्म, पारा 37.6°C; 15 मार्च से बिगड़ेगा मौसम

यूपी में गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। आगरा, झांसी समेत 5 शहरों में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है। इस बीच मंगलवार सुबह लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत 10 शहरों में धुंध छाई रही। कई जगह विजिबिलिटी 400 से 500 मीटर तक सिमट गई। कई जगह सड़कों पर लोग हेडलाइट जलाकर गाड़ियां चलाते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में बढ़ोतरी और मौसम में नमी की वजह से सुबह हल्का कोहरा और दिन में धुंध जैसी स्थिति बन रही है। कुछ इलाकों में बादल भी छाए रहने की संभावना है। इस बीच, मौसम विभाग ने दो दिन पूर्वी यूपी और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में आगरा सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 37.6°C रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा झांसी, बांदा, हमीरपुर और बस्ती जैसे शहरों में भी तापमान में उछाल देखा गया। डॉक्टरों और प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं। लू से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। किसानों के लिए मौसम मिलाजुला रहेगा। फसलों के लिए हल्की बारिश फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, गर्मी और तेज हवा से खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने कहा- आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। जल्द ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 10 से 14 मार्च के बीच दिन और रात दोनों के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। 15 मार्च से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। जिससे मौसम फिर से करवट लेगा। मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी? स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसका असर यह है कि अब तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है। गर्म दिनों की संख्या भी बढ़ रही है। कई बार लू (हीटवेव) का दौर भी पहले से ज्यादा दिनों तक चलता है। बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। कुछ जगहों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक दर्ज किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, यूपी में क्या असर दिखेगा? महेश पलावत के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते 11 मार्च तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) में हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। जिसका असर यूपी में भी देखने को मिलेगा। दरअसल, उत्तरी ओडिशा और बंगाल क्षेत्र में बने चक्रवाती सर्कुलेशन (हवा का किसी एक क्षेत्र में गोल-गोल घूमते हुए ऊपर उठना) से एक ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों तक फैली हुई है। इस सिस्टम की वजह से प्रदेश के मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल उत्तर प्रदेश में मौसम ज्यादातर शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन कुछ इलाकों में बादल छा सकते हैं और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है। लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव IMD के अनुमान के अनुसार, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। कब मानी जाती है हीटवेव? मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी से फसलों को होगा नुकसान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कृषि विभाग के प्रोफेसर पीके सिंह कहते हैं- मार्च महीना किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने का असर रबी की फसल पर पड़ेगा, खासतौर गेहूं पर। गर्मी से दाने पूरी तरह विकसित नहीं होंगे। इससे पैदावार कम होगी। पीके सिंह के अनुसार, गर्म हवाएं चलने से सरसों, चना और मटर जैसी फसल को भी नुकसान हो सकता है। बढ़ते तापमान से खेतों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे सिंचाई का खर्च बढ़ता है। फसलों पर तनाव पड़ता है। ———————– ये खबर भी पढ़िए- आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया:शंकराचार्य सपा के गुरु; उनके खिलाफ मेरे पास तगड़े सबूत ’21 लाख रुपए की लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सुबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।’ यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया। आशुतोष रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। मेडिकल टेस्ट के बाद वह सर्किट हाउस पहुंचे। यहां ‘दैनिक भास्कर’ से खास बातचीत की। पूरी खबर पढ़िए

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